अयोध्या।पावन नगरी अयोध्या में रामनवमी के अवसर पर आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा। 26 और 27 मार्च के दौरान करीब 35 लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे, जिससे पूरा शहर भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आया।
श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव पर सरयू घाटों पर स्नान किया और मंदिरों में दर्शन-पूजन कर अपनी आस्था व्यक्त की। शहर के प्रमुख मंदिरों से लेकर छोटे-छोटे धार्मिक स्थलों तक, हर जगह भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली।
रामनवमी के इस पावन अवसर पर अयोध्या के करीब 8000 मंदिरों में एक साथ भव्य आरती का आयोजन किया गया। एक साथ गूंजते शंख, घंटियों और जयकारों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। यह दृश्य न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर था, बल्कि सांस्कृतिक एकता का भी अद्भुत उदाहरण बना।
प्रशासन की ओर से भी व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं, ताकि इतनी बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण, चिकित्सा सुविधाएं और स्वच्छता को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे।
रामनवमी का यह आयोजन एक बार फिर अयोध्या की धार्मिक महत्ता और श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को दर्शाता है, जहां हर साल लाखों लोग भगवान राम के जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए पहुंचते हैं।
रामनवमी पर उमड़ा आस्था का सागर, दो दिन में 35 लाख श्रद्धालु पहुंचे


