अयोध्या। राम मंदिर के निर्माण को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण पर अब तक करीब 1700 करोड़ रुपये की राशि खर्च हो चुकी है। मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के साथ ही मंदिर निर्माण कार्य को पूर्ण मान लिया गया है।
मंदिर ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में पहले ही पहुंच चुका था और ध्वजारोहण के बाद इसे औपचारिक रूप से पूरा घोषित कर दिया गया है। अब मंदिर परिसर में केवल व्यवस्थागत और रखरखाव से जुड़े कार्य ही शेष रहेंगे।
आंकड़ों के मुताबिक राम मंदिर निर्माण के दौरान सबसे अधिक व्यय वर्ष 2024-25 में किया गया। इस अवधि में मंदिर के मुख्य ढांचे, शिखर, गर्भगृह, परकोटा और अन्य वास्तुशिल्प से जुड़े कार्य तेजी से पूरे किए गए, जिस पर बड़ी राशि खर्च हुई।
राम मंदिर निर्माण में देश-विदेश से प्राप्त दान राशि का उपयोग किया गया। निर्माण कार्य में पारंपरिक भारतीय शिल्पकला, आधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता की सामग्री का प्रयोग किया गया है, जिससे मंदिर को दीर्घकाल तक सुरक्षित और भव्य बनाया जा सके।
आस्था और संस्कृति का प्रतीक
राम मंदिर को केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि भारतीय आस्था, संस्कृति और विरासत का प्रतीक माना जा रहा है। मंदिर निर्माण के पूर्ण होने के साथ ही अयोध्या में धार्मिक पर्यटन को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
मंदिर से जुड़े आगामी आयोजनों और व्यवस्थाओं को लेकर ट्रस्ट और प्रशासन की ओर से आगे दिशा-निर्देश जारी किए जाने की संभावना है।





