शिक्षा के व्यावसायीकरण पर जताई गहरी चिंता कहा—सुधारों के बिना नहीं बचेगी आने वाली पीढ़ियों की गुणवत्ता
रांची।
रूटीन मेडिकल कॉन्फ्रेंस और कार्यक्रमों से अलग जब प्रोफेसर किसी कॉलेज के छात्रों को संबोधित करते हैं, तो उसका आनंद और ऊर्जा बिल्कुल अलग होती है—इसी भाव के साथ राजेंद्र और विज्ञान संस्थान रांची के निदेशक प्रो. राजकुमार ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि देश में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक तेजी से बढ़ रहा व्यावसायीकरण (कमर्शियलाइजेशन) राष्ट्र के लिए बड़ा झटका साबित हो रहा है। तकनीकी और मेडिकल शिक्षा सबसे अधिक खतरे में हैं, क्योंकि इनमें बढ़ती फीस और निजीकरण ने प्रतिभाशाली लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों का रास्ता कठिन कर दिया है।
प्रो. राजकुमार ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए शिक्षा क्षेत्र में विचारपूर्ण और दूरदर्शी सुधार आवश्यक हैं। उन्होंने चेताया कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो देश की क्षमता, नवाचार और सामाजिक प्रगति सीधे प्रभावित होगी।
उन्होंने इस दौरान मॉन्टफोर्ट स्कूल रांची की सराहना भी की। प्रो. राजकुमार के अनुसार, “मॉन्टफोर्ट स्कूल ने वर्षों से किफ़ायती शुल्क में बेहतर शिक्षा देकर यह साबित किया है कि गुणवत्ता और affordability साथ-साथ चल सकती है। ऐसे संस्थान शिक्षा जगत के लिए मिसाल हैं।”
कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों ने भी उनके विचारों और सरल शैली में दिए गए संबोधन की सराहना की।





