लखनऊ/आजमगढ़। सियासत में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अपने बेटों के राजनीतिक भविष्य को संवारने के लिए पूर्वांचल के सपा गढ़ आजमगढ़ में डेरा डाल दिया है। पिछले करीब तीन महीनों से वह लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहकर चुनावी समीकरण साधने में जुटे हैं।
जानकारी के मुताबिक, राजभर की नजर आजमगढ़ जिले की अतरौलिया और दीदारगंज विधानसभा सीटों पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि वह इन दोनों सीटों पर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इन सीटों में से एक पर स्वयं ओम प्रकाश राजभर चुनाव लड़ सकते हैं, जबकि दूसरी सीट से उनके बेटे—अरविंद या अरुण राजभर—को मैदान में उतारने की तैयारी चल रही है।
राजभर लगातार क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं और स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर संगठन को मजबूत करने में लगे हैं। वह खुद भी यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में वह अतरौलिया सीट से किस्मत आजमाएंगे। इसके साथ ही, अपने बेटों के लिए भी सियासी जमीन तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आजमगढ़, जो परंपरागत रूप से समाजवादी पार्टी का मजबूत गढ़ रहा है, वहां इस तरह की सक्रियता आने वाले चुनाव में मुकाबले को रोचक बना सकती है। राजभर की रणनीति साफ तौर पर पूर्वांचल में अपनी पार्टी की पकड़ मजबूत करने और पारिवारिक राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की ओर इशारा करती है।
कुल मिलाकर, आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश की सियासत में अब पारिवारिक और क्षेत्रीय समीकरणों का खेल तेज होता नजर आ रहा है, जहां हर नेता अपने प्रभाव क्षेत्र को विस्तार देने की कोशिश में जुटा है।
चुनावी जमीन मजबूत करने में जुटे मंत्री ओपी राजभर, बेटों के लिए साध रहे सियासी समीकरण


