लखनऊ। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सिनेस्टार राज बब्बर को करीब तीन दशक पुराने मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। वर्ष 1996 के लोकसभा चुनाव से जुड़े प्रकरण में अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया है। लंबे समय से लंबित इस मामले के निस्तारण के बाद उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है।
यह मामला 1996 के लोकसभा चुनाव के दौरान कथित रूप से हुई घटनाओं से जुड़ा था, जिसमें राज बब्बर पर विभिन्न आरोप लगाए गए थे। वर्षों तक चली सुनवाई, साक्ष्यों और गवाहों के परीक्षण के बाद अदालत ने पाया कि आरोप सिद्ध नहीं हो सके, जिसके चलते उन्हें बरी कर दिया गया।
फैसले के बाद राज बब्बर ने कहा कि उन्हें देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और है। उन्होंने कहा कि “लोकतंत्र और संविधान में मेरी अटूट आस्था है, और मुझे विश्वास था कि अंततः सत्य की जीत होगी।” उन्होंने इसे न्याय की विजय बताते हुए अपने समर्थकों का धन्यवाद किया।
राज बब्बर ने आगे कहा कि वह हमेशा से जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहे हैं और आगे भी यह संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला न केवल व्यक्तिगत राहत है, बल्कि उन सिद्धांतों की जीत भी है जिन पर वह राजनीति करते हैं।
राजनीतिक दृष्टि से भी इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि लंबे समय से चल रहे इस मामले के समाप्त होने से राज बब्बर की सार्वजनिक छवि को मजबूती मिलेगी और वह सक्रिय राजनीति में और प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।
कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे न्याय की जीत बताया है। वहीं विपक्षी दलों की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई बड़ी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सिनेस्टार कांग्रेस नेता राज बब्बर को बड़ी राहत, 1996 के मामले में सभी आरोपों से बरी


