झांसी
पश्चिमी विक्षोभ के असर से झांसी में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ली। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे मौसम सुहावना तो हो गया, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई है। दिनभर में करीब 6.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद ठंडी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली।
शनिवार सुबह तेज धूप के साथ दिन की शुरुआत हुई थी, लेकिन दोपहर करीब साढ़े तीन बजे आसमान में घने बादल छा गए। इसके बाद अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। नर्सिंगराव टौरिया, पंचकुइया समेत कई इलाकों में बारिश के साथ छोटे-छोटे ओले भी गिरे। ग्रामीण क्षेत्रों जैसे समथर, बहादुरपुर, पिरौना, खूजा, चिरगांवखुर्द और मोंठ में भी यही स्थिति देखने को मिली।
बारिश थमने के बाद भी लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलती रहीं, जिससे मौसम खुशनुमा बना रहा। हालांकि शाम के समय एक बार फिर शहर के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। मौसम में आए इस बदलाव ने जहां लोगों को राहत दी, वहीं किसानों के लिए चिंता बढ़ा दी है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि ओलावृष्टि से गेहूं समेत अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। अधिकांश किसानों की फसल खेतों में तैयार अवस्था में पड़ी है, ऐसे में बारिश और ओले उनके लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं। जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि अभी तक नुकसान की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, लेकिन सूचना मिलने पर टीम भेजकर सर्वे कराया जाएगा।
कृषि विज्ञान केंद्र भरारी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आदित्य कुमार सिंह के अनुसार, अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और एक-दो दिन बाद मौसम साफ हो सकता है, हालांकि बीच-बीच में हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है।


