नई दिल्ली। रुपये के डॉलर के मुकाबले कमजोर होने और औद्योगिक ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे को उठाते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है और इसे आने वाली महंगाई का साफ संकेत बताया है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर अपने बयान में कहा कि रुपये का 100 के स्तर की ओर बढ़ना और इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमतों में तेजी महज आंकड़े नहीं हैं, बल्कि यह आम लोगों की जेब पर पड़ने वाले बोझ की चेतावनी है। उनके अनुसार, इससे उत्पादन लागत और परिवहन खर्च बढ़ेगा, जिसका सीधा असर बाजार में वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा।
उन्होंने विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग पर इसके गंभीर प्रभाव की बात कही और कहा कि यह वर्ग सबसे ज्यादा दबाव में आएगा। साथ ही उन्होंने विदेशी निवेशकों (FII) के पूंजी निकालने से शेयर बाजार पर बढ़ते दबाव की भी आशंका जताई।
कांग्रेस नेता ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि सरकार के पास इस स्थिति से निपटने के लिए कोई ठोस रणनीति नहीं है और सिर्फ बयानबाजी की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के बाद पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी संभव है, जिससे आम परिवारों की आर्थिक स्थिति और प्रभावित होगी।
रुपये की कमजोरी और महंगाई पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला


