नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद राहुल गाँधी ने संसद में बोलने के दौरान माइक बंद किए जाने का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने संसद में देश की ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि सरकार ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा से समझौता किया है। उनके अनुसार जैसे ही उन्होंने यह मुद्दा उठाया, उनका माइक बंद कर दिया गया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम कथित रूप से एपस्टीन फाइल से जोड़ने का जिक्र किया और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से जुड़े सवाल उठाने की कोशिश की, तब भी उनका माइक बंद कर दिया गया।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि जब उन्होंने कुछ अंतरराष्ट्रीय निवेश से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने की कोशिश की तो उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि संसद में विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होना लोकतंत्र के लिए जरूरी है।
हालांकि इस मामले में अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं।
संसद में बयान को लेकर सियासी घमासान, राहुल गांधी का सरकार पर आरोप


