पटना। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार में विपक्षी महागठबंधन के ‘अति पिछड़ा न्याय संकल्प पत्र’ को जारी किया। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे कितना भी झूठ फैलाए, महागठबंधन अति पिछड़े, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्गों को पूरा अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
राहुल गांधी ने वादा किया कि सत्ता में आने पर अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम की तर्ज पर ईबीसी (अति पिछड़ा वर्ग) अत्याचार निवारण कानून बनाया जाएगा। यह घोषणा बिहार विधानसभा चुनाव से पहले ईबीसी वोट बैंक को साधने की रणनीति के रूप में देखी जा रही है।
संकल्प पत्र में निजी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में आरक्षण लागू करने, निजी स्कूलों की आधी आरक्षित सीटें एससी/एसटी/ओबीसी/ईबीसी छात्रों के लिए सुनिश्चित करने और पंचायतों व स्थानीय निकायों में ईबीसी आरक्षण 20% से बढ़ाकर 30% करने का वादा किया गया है।
महागठबंधन ने 25 करोड़ रुपये तक के सरकारी ठेकों में एससी, एसटी, ओबीसी और ईबीसी वर्ग को प्राथमिकता देने, भूमिहीन परिवारों को जमीन उपलब्ध कराने और शिक्षा में समान अवसर देने की गारंटी दी है।





