14 C
Lucknow
Monday, February 16, 2026

संसद गेट पर राहुल-प्रियंका ने SIR लिखे पोस्टर फाड़े

Must read

– लोकसभा स्पीकर ने सर्वदलीय बैठक बुलाई
– – 28 जुलाई से सदन चलाने पर सहमति

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पांचवें दिन बिहार में चल रहे वोटर वेरिफिकेशन अभियान, यानी स्पेशल इन्टेंसिव रिवीजन (SIR), को लेकर विपक्षी दलों ने संसद परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। गांधी प्रतिमा से लेकर नए संसद भवन के प्रवेश द्वार ‘मकर द्वार’ तक कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने पैदल मार्च निकाला। इस मार्च में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी शामिल हुए। मकर द्वार पहुंचने के बाद राहुल और प्रियंका गांधी ने SIR लिखे पोस्टर फाड़े और उन्हें प्रतीकात्मक रूप से डस्टबिन में डालकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने “मोदी सरकार हाय-हाय” के नारे भी लगाए।

संसद के भीतर भी विपक्ष का विरोध जारी रहा, जिसके चलते लोकसभा में महज 20 मिनट तक ही कार्यवाही चल सकी। हालात को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों की बैठक बुलाई, जिसमें 28 जुलाई से सदन को सुचारू रूप से चलाने पर सहमति बन गई। इसी दिन “ऑपरेशन सिंदूर” पर बहस भी तय की गई है, जिसके लिए 16 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों को वोट देने के अधिकार से वंचित करना चाहती है और सिर्फ एलीट वर्ग को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बनाए रखना चाहती है। उनका कहना था कि सरकार संविधान का पालन नहीं कर रही और SIR के खिलाफ विपक्ष की लड़ाई जारी रहेगी।
वहीं, भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल ने संसद में हुई घटनाओं को चिंताजनक बताते हुए कहा कि स्पीकर ने स्वयं विपक्ष से प्रश्नकाल में व्यवधान न डालने की अपील की थी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राहुल गांधी और खड़गे से मुलाकात कर सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से चलाने की बात की।

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि देश चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदान अधिकारों को लेकर चिंतित है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे समय में विदेश दौरे पर हैं। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री की असंवेदनशीलता बताया।

समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि वे गांधीवादी तरीके से शांतिपूर्ण विरोध कर रहे हैं और सरकार से लोकतंत्र की हत्या बंद करने की अपील करते हैं।

संसद सत्र में उपजे इस गतिरोध के केंद्र में SIR है, जिसे लेकर विपक्ष का आरोप है कि यह मतदाता सूची से गरीब और वंचित वर्गों को बाहर करने का हथियार बन रहा है, जबकि सरकार इसे सुधार प्रक्रिया बता रही है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article