तिरुवनंतपुरम
केरल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है। इसी क्रम में कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने अलाप्पुझा में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए सत्तारूढ़ एलडीएफ पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने राज्य में बदलाव की जरूरत बताते हुए यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को नई उम्मीद करार दिया।
जनसभा के दौरान राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केरल में अब राजनीतिक समीकरण बदल चुके हैं और भारतीय जनता पार्टी , राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और लेफ्ट फ्रंट के बीच अप्रत्यक्ष संबंध बन गए हैं। उन्होंने कहा कि एलडीएफ के भीतर दो तरह के नेता सक्रिय हैं—एक वे जो किसी भी कीमत पर सत्ता में बने रहना चाहते हैं और इसके लिए किसी से भी समझौता कर सकते हैं, जबकि दूसरे वे हैं जो अपनी विचारधारा में विश्वास रखते हैं, लेकिन खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि वर्षों तक पार्टी की विचारधारा के लिए संघर्ष करने वाले कई कार्यकर्ता आज निराश और हताश हैं। उनका आरोप था कि सत्ता की राजनीति के चलते कुछ नेता अपनी मूल विचारधारा से समझौता कर रहे हैं, जिससे आम कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि राज्य की मौजूदा सरकार में अब “लेफ्ट” जैसी कोई पहचान नहीं बची है।
उन्होंने मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके संबंध उन ताकतों से जुड़े हुए हैं, जो देश के अन्य हिस्सों में अल्पसंख्यकों के खिलाफ माहौल बना रही हैं। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान ने सियासी हलकों में हलचल जरूर बढ़ा दी है।
कुल मिलाकर, केरल में चुनावी माहौल अब पूरी तरह गरमा चुका है। कांग्रेस जहां यूडीएफ को विकल्प के रूप में पेश कर रही है, वहीं एलडीएफ और भाजपा भी अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ मैदान में उतर चुके हैं। आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और अधिक तीखी होने के संकेत मिल रहे हैं।


