बोले— शराब खुलेआम बिकती है, लेकिन सैनिटरी पैड अखबार में लपेटकर दिए जाते हैं
नई दिल्ली। संसद में आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्डा ने महिलाओं के स्वास्थ्य और मासिक धर्म से जुड़े सामाजिक नजरिये का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि देश में आज भी सैनिटरी पैड को लेकर झिझक और सामाजिक संकोच बना हुआ है।
राघव चड्ढा ने संसद में कहा कि एक ओर शराब की बोतलें खुलेआम दुकानों पर बेची जाती हैं, लेकिन दूसरी ओर सैनिटरी पैड जैसी जरूरी चीज को आज भी दुकानदार अखबार या कागज में लपेटकर देते हैं। उन्होंने इसे समाज की सोच का विरोधाभास बताया।
उन्होंने कहा कि मासिक धर्म कोई शर्म की बात नहीं बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ा प्राकृतिक विषय है। इसके बावजूद समाज में इसे लेकर चुप्पी और संकोच बना हुआ है, जिसे बदलने की जरूरत है।
राघव चड्ढा ने सरकार से मांग की कि महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े उत्पादों को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि समाज में इस विषय पर खुलकर बातचीत हो सके और महिलाओं को आवश्यक सुविधाएं आसानी से मिल सकें।
महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की अपील
उन्होंने कहा कि महिलाओं की गरिमा, स्वास्थ्य और स्वच्छता को प्राथमिकता देना जरूरी है। सैनिटरी पैड को लेकर समाज में जो झिझक है, उसे दूर करने के लिए सरकार और समाज दोनों को मिलकर प्रयास करने होंगे।
संसद में उठाए गए इस मुद्दे के बाद महिलाओं के स्वास्थ्य और मासिक धर्म से जुड़े सामाजिक दृष्टिकोण पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।
संसद में राघव चड्ढा ने उठाया सैनिटरी पैड का मुद्दा


