अमृतपुर/फर्रुखाबाद: तहसील क्षेत्र के ग्राम गलारपुर में निरस्त की गई सस्ता गल्ला दुकान के चयन के लिए बुलाई गई खुली बैठक को पर्याप्त उपस्थिति न मिलने के कारण स्थगित करना पड़ा। लेकिन बैठक में अपेक्षित भीड़ न जुटने से अब सवाल उठने लगे हैं कि यह केवल ग्रामीणों की उदासीनता थी या इसके पीछे कोई राजनीतिक खींचतान भी काम कर रही है।
निर्धारित तिथि पर खंड विकास अधिकारी विकास सक्सेना, एडीओ (कृषि) जितेंद्र कुमार, एनआरएलएम से वीरेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और चयन प्रक्रिया शुरू की गई। ग्राम गलारपुर की आबादी लगभग 2100 है, जबकि कुल 832 मतदाता दर्ज हैं। नियमानुसार कोरम पूरा करने के लिए लगभग 217 ग्रामीणों की उपस्थिति आवश्यक थी, लेकिन बैठक में मात्र 95 ग्रामीण ही पहुंचे।
पर्याप्त संख्या न होने के कारण चयन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी और चुनाव की तिथि आगे बढ़ा दी गई। इस दौरान प्रत्याशी रचना ने नामांकन दाखिल किया, परंतु कोरम अधूरा रहने से प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी।
गांव में चर्चा है कि राशन दुकान को लेकर गुटबाजी और अंदरूनी राजनीति के चलते लोगों ने खुली बैठक से दूरी बनाई। वहीं कुछ ग्रामीणों का कहना है कि सूचना का व्यापक प्रचार-प्रसार न होने से भी भीड़ नहीं जुट पाई। अब देखना यह है कि अगली तिथि पर क्या प्रशासन ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर पाएगा या फिर राजनीतिक समीकरण एक बार फिर प्रक्रिया पर भारी पड़ेंगे।


