अमृतपुर/फर्रुखाबाद,
बली पट्टी रानी गांव निवासी श्याम बिहारी अवस्थी ने अपने पूर्व में दिए गए शिकायती प्रार्थना पत्रों के निस्तारण को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों से जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके प्रार्थना पत्रों पर संबंधित कर्मचारियों द्वारा लगाई गई निस्तारण आख्या प्रथम दृष्टया संदिग्ध प्रतीत होती है।
प्रार्थना पत्र में उन्होंने कहा है कि निस्तारण आख्या को शासनादेश के अनुरूप तथ्यपरक एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से सही साबित कराया जाए। यदि ऐसा संभव न हो तो उक्त आख्या को शून्य घोषित करते हुए उनके समस्त प्रार्थना पत्र मूल रूप में वापस किए जाएं।
श्याम बिहारी अवस्थी ने बताया कि वह अपने प्रकरण को लेकर पूर्व में कई बार विभिन्न माध्यमों से प्रार्थना पत्र दे चुके हैं, जिनमें उच्च अधिकारियों को भेजे गए पत्राचार का भी उल्लेख किया गया है। उन्होंने अपने आवेदन में आर्थिक अनियमितता, भूमि संबंधी विवाद, कथित अवैध निर्माण एवं दस्तावेजों में छेड़छाड़ जैसे बिंदुओं का जिक्र किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रशासनिक स्तर पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है तो वे सक्षम न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होंगे। इसके साथ ही उन्होंने शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन अनशन की अनुमति दिए जाने की भी मांग की है।
प्रशासन की ओर से मामले को लेकर कहा गया है कि शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित बिंदुओं की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, मामला जांच के अधीन है और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जा रही है।


