फर्रुखाबाद: जनपद के कमालगंज (Kamalganj), राजेपुर, शमशाबाद, कायमगंज और नवाबगंज में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राओं के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर शैक्षणिक भ्रमण (Indian Institute of Technology Kanpur Educational Tour) को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। विभाग की ओर से ड्रॉप आउट छात्राओं को उच्च शिक्षण संस्थानों के शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराने और उन्हें प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के प्रति प्रेरित करने के उद्देश्य से यह टूर प्रस्तावित किया गया था। सूत्रों के अनुसार पांचों विद्यालयों की छात्राओं के इस भ्रमण कार्यक्रम पर लगभग सात लाख रुपये खर्च होने की चर्चा है, जिससे व्यवस्थाओं और व्यय को लेकर संदेह गहराने लगा है।
बीते दिन इस शैक्षणिक भ्रमण को सांसद मुकेश राजपूत ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ आशुतोष कुमार द्विवेदी, मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम को छात्राओं के लिए प्रेरणादायी पहल बताया गया था।
बुधवार को शमशाबाद और कायमगंज स्थित विद्यालयों की करीब डेढ़ सौ छात्राओं को चार बसों के माध्यम से आईआईटी कानपुर के लिए रवाना किया गया। यात्रा के दौरान व्यवस्थाएं पर्याप्त न होने की शिकायतें सामने आईं। छात्राओं को सीमित मात्रा में चाय नाश्ता दिया गया, जबकि रास्ते में आधा लीटर पानी की बोतल और छोटा नमकीन पैकेट वितरित किया गया। बाद में लंच बॉक्स उपलब्ध कराया गया तथा एक ढाबे पर भोजन की व्यवस्था की गई।
आईआईटी परिसर में छात्राओं ने लगभग दो घंटे तक शिक्षकों से संवाद कर विभिन्न पाठ्यक्रमों, प्रयोगशालाओं और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। देर शाम वापसी के दौरान भी भोजन की व्यवस्था कराई गई। इस बीच यह चर्चा भी रही कि जिस विद्यालय की छात्राएं टूर में शामिल नहीं थीं, उस विद्यालय की एक लेखाकार को टूर पर जाते देखा गया। हालांकि संबंधित कर्मी फोटो और वीडियो से दूरी बनाती नजर आईं।
गुरुवार को अन्य विद्यालयों की छात्राओं को भी भ्रमण पर ले जाने की सूचना दी गई थी, जिससे छात्राएं देर रात तक तैयारी में जुटी रहीं। लेकिन सुबह अचानक कार्यक्रम स्थगित होने की सूचना मिलने से छात्राओं में भारी निराशा फैल गई। कई छात्राओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वे पहली बार किसी प्रतिष्ठित संस्थान के भ्रमण को लेकर उत्साहित थीं।
सूत्रों के मुताबिक टूर के खर्च और व्यवस्थाओं को लेकर वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। जब इस संबंध में बालिका शिक्षा जिला समन्वयक सुनील कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह ने बताया कि वह बैठक में व्यस्त हैं और संबंधित पटल से जानकारी लेकर ही स्पष्ट जानकारी दे पाएंगे।


