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Friday, April 3, 2026

फर्रुखाबाद सिटी मजिस्ट्रेट संजय बंसल की मौत पर सवाल?

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– अचानक अंगों के काम करना बंद होने से मौत या दबाव का नतीजा? जांच की उठी मांग

फर्रुखाबाद। सिटी मजिस्ट्रेट संजय बंसल की अचानक हुई संदिग्ध मौत ने पूरे जनपद को झकझोर दिया है। आधिकारिक तौर पर जहां मौत की वजह शरीर के कई अंगों के अचानक काम करना बंद करना बताई जा रही है, वहीं अब इस घटना को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, उनकी कार्यशैली और हालिया फैसलों के चलते उन पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा था।

बताया जा रहा है कि शासन स्तर से आई एक उच्च स्तरीय कमेटी का भी उन पर विशेष दबाव था। हाल ही में उन्होंने कई बड़े और संवेदनशील मामलों में सख्त रुख अपनाया था, जिसमें अवैध निर्माण और बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई शामिल थी। विशेष रूप से ठंडी सड़क क्षेत्र में स्थित अवैध गेट बंद कॉलोनियों, कई भवनों और शिक्षण संस्थानों को नोटिस जारी करना उनके द्वारा उठाया गया बड़ा कदम था।

सूत्र यह भी बताते हैं किठंडी सड़क स्थित “के.एम. इंडिया” से जुड़े बड़े ध्वस्तीकरण आदेश को भी उन्होंने पूर्व अधिकारी दीपाली भार्गव के किये गए आदेश को सही मानकर दोहराया था, जिससे माफिया अनुपम दुबे समेत कई प्रभावशाली लोगों के हित प्रभावित हो रहे थे।और इस कारण ही उनके समय यहाँ तैनात रहे अवर अभियंता विनियमित क्षेत्र श्रीमती भार्गव से खिलाफ हो गए थे, और स्थानीय नेताओं के माध्यम से उनकी भी शासन तक रोज झूठी शिकायतें पर्दे के पीछे से करवा के उन्हें जांचों के घेरे में फसवाए थे, सेवानिवृत होने के बाद विवाह जिला नहीं छोड़ सके थे और नगर मजिस्ट्रेट श्री बंसल के भी इर्द-गिर्द मड़राते रहते थे, इसी के बाद से श्री बंसल के ऊपर दबाव और बढ़ने की चर्चाएं तेज हो गई थीं।

मामले को और पेचीदा बनाता है एक साल पहले सेवा निवृत्त हुए अवर अभियंता डी.के. सिंह का कथित रूप से पर्दे के पीछे सक्रिय रहना। बताया जाता है कि वह लगातार नगर से जुड़े कई बड़े नक्शों और निर्माण कार्यों में दखल दे रहे थे और फतेहगढ़ के एक कथित नक्शा नवीस “प्रजापति” के माध्यम से अपनी पकड़ बनाए हुए थे। यह पूरा नेटवर्क किसी बड़े नाम के व्यक्ति से जुड़ा होने की भी चर्चा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

स्थानीय सूत्रों और जानकारों का मानना है कि अगर इस पूरे मामले की गहराई से और निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो कई परतें खुल सकती हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या एक ईमानदार अधिकारी पर बढ़ता दबाव उनकी मौत का कारण बना?

फिलहाल प्रशासन की ओर से मौत को सामान्य चिकित्सकीय कारणों से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन जिस तरह से घटनाक्रम सामने आ रहे हैं, उससे यह मामला अब सिर्फ एक सामान्य मौत का नहीं बल्कि एक संभावित बड़े प्रशासनिक और भ्रष्टाचार के नेटवर्क से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। मांग उठ रही है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो सके।

मौत या पहेली? अब टेस्ट रिपोर्ट से खुलेंगे राज

परिवार ने फोर्टिस अस्पताल से मांगी पूरी मेडिकल रिपोर्ट

फर्रुखाबाद। सिटी मजिस्ट्रेट संजय बंसल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। परिवार ने इलाज से जुड़ी पूरी मेडिकल टेस्ट रिपोर्ट की मांग करते हुए फोर्टिस अस्पताल से सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने की अपील की है।

परिजनों का कहना है कि जब तक पूरी मेडिकल हिस्ट्री, जांच रिपोर्ट और इलाज के दौरान की गई प्रक्रिया सामने नहीं आती, तब तक मौत की असली वजह पर से पर्दा उठ पाना मुश्किल है।

परिवार के इस कदम के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है। अब निगाहें फोर्टिस अस्पताल की रिपोर्ट पर टिकी हैं। क्या रिपोर्ट साफ करेगी “मल्टी ऑर्गन फेल्योर” की गुत्थी या बढ़ेंगे सवाल?

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