– जलाभिषेक व मेले की तैयारियां अंतिम चरण में
नवाबगंज। थाना क्षेत्र के पुठरी गांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर में महाशिवरात्रि को लेकर श्रद्धा और उत्साह चरम पर है। क्षेत्र के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले इस मंदिर में जलाभिषेक की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूर्ण होती है, जिसके चलते महाशिवरात्रि के दिन स्थानीय क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के कई जनपदों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िए भगवान शिव पर जल चढ़ाने पहुंचते हैं।
मंदिर परिसर में साफ-सफाई, रंग-रोगन और विद्युत सजावट का कार्य जारी है। जलाभिषेक के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन का अवसर मिल सके। कांवड़ियों के लिए अलग मार्ग और कतारबद्ध प्रवेश की योजना बनाई जा रही है, जिससे भीड़ नियंत्रण में रहे और किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर के निकट खाली भूमि पर पारंपरिक मेले का आयोजन भी किया जाता है। इस मेले की तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों से दुकानदार पहुंच चुके हैं और बांस-बल्लियां गाड़कर अस्थायी दुकानें तैयार की जा रही हैं। पूजा सामग्री, रुद्राक्ष माला, बेलपत्र, धूप-अगरबत्ती, बच्चों के खेल-खिलौने, श्रृंगार सामग्री तथा खान-पान की दुकानों से पूरा क्षेत्र सजने लगा है।
इस मेले की विशेषता यह है कि अधिकांश दुकानदार वर्षों से यहां अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं। ओमपाल सिंह (वेग नवाबगंज) पिछले 15 वर्षों से, बालिस्टर सिंह (वेग निवासी) 8 वर्षों से, गोविंद कुमार (वेग फर्रुखाबाद) लगभग 6-7 वर्षों से, अर्जुन (फर्रुखाबाद) 6 वर्षों से तथा सूरज पाल (नवाबगंज) पिछले 5 वर्षों से नियमित रूप से यहां दुकान लगा रहे हैं।
स्थानीय दुकानदार ओमपाल सिंह ने बताया कि पुठरी के इस प्राचीन मंदिर के प्रति लोगों की आस्था गहरी है और महाशिवरात्रि पर यहां भारी भीड़ उमड़ती है। इसलिए दुकानदार कई दिन पहले ही पहुंचकर अपनी तैयारियां शुरू कर देते हैं, ताकि श्रद्धालुओं को आवश्यक सामग्री सहजता से उपलब्ध हो सके।
श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। पुलिस बल की तैनाती और स्वयंसेवकों की मदद से भीड़ प्रबंधन की योजना बनाई गई है, ताकि महाशिवरात्रि का पर्व शांतिपूर्ण और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हो सके।
महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर पुठरी का प्राचीन शिव मंदिर एक बार फिर श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का केंद्र बनने जा रहा है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यह आयोजन क्षेत्र की धार्मिक और सामाजिक एकता को और सुदृढ़ करेगा।





