चंडीगढ़: पंजाब सतर्कता ब्यूरो (Punjab Vigilance Bureau) ने राज्य में भ्रष्टाचार (Corruption) के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान वन रक्षक कुलदीप सिंह और दिहाड़ी मजदूर दर्शन सिंह माटे को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी जालंधर जिले के नकोदर स्थित वन रेंज कार्यालय में तैनात थे। राज्य सतर्कता ब्यूरो के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि उपरोक्त आरोपियों को जालंधर जिले के मेहटपुर उप-तहसील के संगोवाल गांव के निवासी की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया।
प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता मजदूर के रूप में काम करता है। जब उसका घरेलू गैस सिलेंडर खत्म हो गया, तो वह घरेलू उपयोग के लिए मेहटपुर-जगराओं सड़क के किनारे पेड़ों से लकड़ी के छोटे टुकड़े इकट्ठा कर रहा था। उस समय, दोनों आरोपी: वन रक्षक कुलदीप सिंह और दिहाड़ी मजदूर दर्शन सिंह माटे मौके पर पहुंचे, शिकायतकर्ता को सूचित किया कि उसके खिलाफ सरकारी लकड़ी की चोरी का मामला दर्ज किया जाएगा और उसकी मोटरसाइकिल को अपने कब्जे में ले लिया।
उन्होंने आगे बताया कि शिकायतकर्ता ने बाद में दर्शन सिंह माटे से संपर्क किया, जिन्होंने उन्हें बताया कि वन रक्षक कुलदीप सिंह मोटरसाइकिल छोड़ने के बदले 20,000 रुपये की मांग कर रहा है। शिकायतकर्ता के बार-बार अनुरोध करने के बावजूद, माटे वन रक्षक की ओर से मांगी गई रिश्वत की राशि पर अड़ा रहा। शिकायतकर्ता ने 20,000 रुपये की अवैध रिश्वत की मांग से संबंधित बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया।
शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद, सतर्कता ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया, जिसके दौरान दोनों आरोपियों को दो आधिकारिक गवाहों की उपस्थिति में शिकायतकर्ता से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। इस संबंध में, जालंधर स्थित सतर्कता ब्यूरो पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।


