अमृतसर: पंजाब सरकार और पंजाब (Punjab) के डीजीपी द्वारा राज्य को नशामुक्त और गैंगस्टरों (gangster) से मुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत अमृतसर पुलिस को उस समय बड़ी सफलता मिली जब खुफिया जानकारी के आधार पर की गई मुठभेड़ (encounter) में कुख्यात गैंगस्टर मणि प्रिंस उर्फ मणि सूरमा मारा गया। मीडिया से बात करते हुए डीआईजी बॉर्डर रेंज संदीप गोयल ने बताया कि पंजाब सरकार और पंजाब के डीजीपी द्वारा चलाए जा रहे गैंगस्टर विरोधी अभियान के तहत गैंगस्टर मणि प्रिंस सूरमा पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।
मणि प्रिंस सूरमा तरनतारन जिले का निवासी था और उसके खिलाफ लगभग 50 आपराधिक मामले दर्ज थे। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, एनडीपीएस अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और डकैती जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। कुछ मामलों में वह पहले ही दोषी ठहराया जा चुका था, जबकि कई मामलों में पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
गोयल ने कहा, उसे 12 जनवरी को पुलिस के साथ संक्षिप्त मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया और इलाज के लिए अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से वह 14 जनवरी को पुलिस हिरासत से फरार हो गया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, एसएसपी अमृतसर ग्रामीण के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित की गईं।
खुफिया जानकारी के आधार पर आज घरिंडा थाना क्षेत्र में पुलिस ने जाल बिछाया। जब गैंगस्टर को रोकने का प्रयास किया गया, तो उसने विदेशी पिस्तौल से पुलिस पर गोलीबारी की। पुलिसकर्मियों द्वारा बुलेटप्रूफ जैकेट पहने होने के कारण कोई हताहत नहीं हुआ और जवाबी कार्रवाई में गैंगस्टर मारा गया।
डीआईजी गोयल ने स्पेशल सेल, डीएसपी, एसएचओ और पूरी पुलिस टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि पंजाब पुलिस समाज की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून को अपने हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उनके अनुसार, फोरेंसिक टीम घटनास्थल से सबूत जुटा रही है और पूरी रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की जांच की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि गुरु नानक देव अस्पताल में इलाज के दौरान उसके भागने में शामिल किसी भी पुरुष या महिला से भी पूछताछ की जाएगी और उन्होंने अपने दो कर्मचारियों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया है।


