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Wednesday, January 14, 2026

बिलावलपुर में गूंजा तटबंध निर्माण का जनसंकल्प, सरकार को एक माह का अल्टीमेटम—वरना होगा बड़ा आंदोलन

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फर्रुखाबाद: शुक्रवार को ग्राम बिलावलपुर (Bilawalpur) में तटबंध बनाओ जन संघर्ष समिति की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों ने पहुंचकर गंगा नदी (ganga river) पर तटबंध निर्माण के लिए एकजुट होकर संकल्प दोहराया। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि गंगा की भीषण बाढ़ से स्थायी बचाव का एकमात्र उपाय तटबंध निर्माण ही है। ग्रामीणों ने सरकार से भावुक अपील करते हुए कहा हमें कोई सरकारी सुविधा मत दीजिए, बस हमारा तटबंध बनवा दीजिए।”

बैठक को संबोधित करते हुए तटबंध बनाओ जन संघर्ष समिति के प्रमुख व फर्रुखाबाद विकास मंच के जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा ने कहा कि इस वर्ष गंगा की विनाशकारी बाढ़ ने दर्जनों गांवों को नक्शे से मिटा दिया है। कटरी क्षेत्र में जो गांव अभी बचे हैं, उन पर भी लगातार खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अगले वर्ष भी इसी प्रकार बाढ़ आई तो एक भी गांव सुरक्षित नहीं बचेगा।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोगों के जीवन, खेत और मकानों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी फर्रुखाबाद से मिल चुका है और यदि एक माह के भीतर तटबंध निर्माण को लेकर ठोस कार्रवाई या कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तो जनआंदोलन छेड़ा जाएगा।

बैठक में राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग अध्यक्ष कोमल पांडे ने कहा कि सरकार हर वर्ष राहत सामग्री बांटकर केवल औपचारिकताएं निभा रही है, जबकि इससे पीड़ितों की स्थायी समस्या का समाधान नहीं होता। जिस किसान का खेत, मकान और आजीविका बाढ़ में बह जाती है, उसे विस्थापित होकर दर-दर भटकना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति अपना घर छोड़ना नहीं चाहता, लेकिन मजबूरी में हजारों लोग हर वर्ष पलायन को विवश हो रहे हैं।

बैठक को संबोधित करते हुए डॉ पंकज राठौर ने कहा कि बाढ़ से बचाव के लिए केवल और केवल तटबंध ही स्थायी समाधान है। उन्होंने दो टूक कहा कि सरकार की अन्य योजनाएं नहीं चाहिएं, सिर्फ तटबंध बनाकर लोगों के जीवन की रक्षा की जाए।

किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि पूर्व में भी इस मांग को उठाया गया था, लेकिन पर्याप्त जन समर्थन न मिलने के कारण आंदोलन ठंडा पड़ गया। इस बार उन्हें पूरा विश्वास है कि जनता के सहयोग से तटबंध बनाकर ही दम लिया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि उनका पूरा संगठन इस आंदोलन में हर स्तर पर साथ देगा।

वहीं रत्नेश पांडे ने कहा कि चाहे गंगा के इस पार की आबादी हो या उस पार की, दुख और पीड़ा सबकी एक समान है। सबको मिलकर एकजुट संघर्ष करना होगा तभी तटबंध बन पाएगा। विनोद राजपूत ने चेतावनी दी कि यदि तटबंध नहीं बना तो बचे हुए गांव भी पूरी तरह समाप्त हो जाएंगे, इसलिए इसका निर्माण तत्काल प्रारंभ कराया जाना चाहिए।

बैठक में भावनात्मक अपील करते हुए सुभाष कोटेदार ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो पूरा क्षेत्र आमरण अनशन पर बैठेगा, यहां तक कि जल समाधि लेने से भी पीछे नहीं हटेगा, लेकिन तटबंध बनवाकर ही रहेगा।

इस बैठक में प्रमुख रूप से महेंद्र यादव, राम अवतार पाल, सौरभ यादव, रामाश्रय पाल, मनोज यादव, राजीव वर्मा, प्रशांत पाठक, मोहित खन्ना, दयाराम शाक्य, राजीव पाल, बादशाह सिंह, आदिल खान, बिलाल खान, अतीक खान, अलवर सिंह, रामबरन शाक्य, महेंद्र सिंह कुशवाहा, सुरेश पाल, प्रशांत यादव, अवधेश राजपूत, हीरालाल वर्मा, गौरव सिंह, वीरलाल राजपूत, अशोक शाक्य सहित सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

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