बरेली सेटेलाइट चौराहे के पास स्थित Hotel Little Crown में देह व्यापार रैकेट पकड़े जाने के मामले में होटल मालिक और तीन अन्य आरोपियों की तलाश में रविवार को भी पुलिस की दबिश जारी रही, लेकिन वे हाथ नहीं आए। होटल से बरामद Varanasi की किशोरी को सुरक्षा के लिए वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया है। रविवार को पीड़िता के पिता और भाई भी बरेली पहुंच गए, जबकि सोमवार को अदालत में किशोरी के बयान दर्ज कराए जाएंगे। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि मामले में मानव तस्करी की धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।
पुलिस के अनुसार किशोरी को रिया नाम की महिला वाराणसी से बरेली लाकर कैंट थाना क्षेत्र की बबली खान को बेच दिया था। बबली और उसके पति खलील ने उसे कई दिनों तक चनेहटी क्षेत्र में एक मस्जिद के पास रखा और बाद में उससे जबरन देह व्यापार कराया। बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि रिया की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे गिरोह के कई और राज खुल सकते हैं। पुलिस टीम सोमवार को रिया की तलाश में वाराणसी भी जाएगी और उसके बबली खान से संबंधों की जांच करेगी।
मामले में पुलिस ने चार आरोपियों—बबली खान, विनोद यादव, जसलीन कौर और नेपाली महिला दुर्गावती—को गिरफ्तार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं खलील, विनय और होटल मालिक समेत अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। बारादरी थाने में इस मामले में कुल सात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि सेटेलाइट बस अड्डे के आसपास और पीलीभीत रोड के कई होटलों में देह व्यापार का नेटवर्क सक्रिय है। आरोप है कि कुछ होटल संचालक रैकेट संचालकों के साथ मिलकर घंटों के हिसाब से कमरे उपलब्ध कराते थे और पहचान पत्रों की ठीक से जांच नहीं करते थे। पुलिस ने बताया कि किशोरी का फर्जी आधार कार्ड बनाकर उसे बालिग दिखाया गया था, जबकि असली दस्तावेजों के अनुसार उसकी जन्मतिथि 2011 है। अब पुलिस चिन्हित होटलों के संचालकों की तलाश कर आगे की कार्रवाई कर रही है।


