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Monday, February 16, 2026

फेसबुक दोस्ती के जाल में फंसे प्रॉपर्टी डीलर, जमीन निवेश के नाम पर 10.50 लाख की साइबर ठगी

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इटावा। सोशल मीडिया पर बढ़ती दोस्ती अब अपराधियों के लिए ठगी का नया जरिया बनती जा रही है। जनपद इटावा में एक प्रॉपर्टी डीलर को फेसबुक के माध्यम से हुई जान-पहचान भारी पड़ गई। जमीन में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर साइबर ठगों ने उनसे 10 लाख 50 हजार रुपये ठग लिए। जब तक पीड़ित को धोखाधड़ी का एहसास हुआ, तब तक आरोपी महिला ने उनका नंबर ब्लॉक कर संपर्क तोड़ दिया। पीड़ित की शिकायत पर साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बकेवर थाना क्षेत्र के सुनवर्सा गांव निवासी गणेश त्रिपाठी, जो पेशे से प्रॉपर्टी डीलर हैं, ने साइबर थाने में दी गई तहरीर में बताया कि 26 नवंबर 2025 की शाम उनके फेसबुक मैसेंजर पर दर्शिनी स्वामी नामक महिला का संदेश आया। प्रोफाइल देखने पर महिला ने खुद को बेंगलुरु की निवासी और एक निजी कंपनी में आईटी मैनेजर बताया था। शुरुआत में सामान्य बातचीत होती रही, जिससे भरोसा कायम हो गया। एक दिसंबर को महिला ने अपना व्हाट्सएप नंबर साझा किया और बातचीत वहीं से आगे बढ़ने लगी।

व्हाट्सएप चैट के दौरान महिला ने बताया कि वह नौकरी छोड़कर बेंगलुरु में प्रॉपर्टी का कारोबार शुरू करना चाहती है और यदि गणेश त्रिपाठी साझेदारी करें तो दोनों अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। उसने दावा किया कि कुछ जमीनें सस्ते दामों पर उपलब्ध हैं और भविष्य में वहां सरकारी योजना आने की संभावना है, जिससे कीमतें कई गुना बढ़ जाएंगी। सुनियोजित तरीके से विश्वास में लेने के बाद उसने निवेश के नाम पर रकम मांगनी शुरू कर दी।

पीड़ित के अनुसार, 7 जनवरी से महिला ने जमीन का एडवांस देने के नाम पर अलग-अलग यूपीआई आईडी पर रकम मंगवानी शुरू की। शुरुआत में छोटी-छोटी किश्तों में भुगतान कराया गया ताकि शक न हो। बाद में स्टांप शुल्क और अन्य कागजी कार्रवाई का हवाला देकर तीन लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से एक बैंक खाते में जमा कराए गए। 7 जनवरी से 29 जनवरी के बीच विभिन्न खातों और आईडी पर कुल 10 लाख 50 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए गए।

इतना ही नहीं, महिला ने यह कहकर और पैसे की मांग की कि जमीन बेचने वाली पार्टी को किसी अन्य व्यक्ति ने ज्यादा एडवांस दे दिया है और सौदा बचाने के लिए अतिरिक्त रकम तुरंत भेजनी होगी। जब गणेश त्रिपाठी ने और रकम भेजने में असमर्थता जताई तो 30 जनवरी के बाद अचानक महिला ने उनका व्हाट्सएप नंबर ब्लॉक कर दिया और सभी संपर्क समाप्त कर लिए।

धोखाधड़ी का अहसास होने पर पीड़ित तुरंत साइबर थाने पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी दी। साइबर पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। संबंधित बैंक खातों और यूपीआई आईडी की जानकारी खंगाली जा रही है तथा लेनदेन का विवरण जुटाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

साइबर विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों से आर्थिक लेनदेन करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें। किसी भी निवेश प्रस्ताव को लेकर सतर्क रहें और लालच में आकर बड़ी रकम ट्रांसफर न करें। किसी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते रकम फ्रीज कराई जा सके।

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