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Thursday, April 2, 2026

जेवर में प्रॉपर्टी बूम: एक साल में 300% उछाल, राजस्व ने तोड़े रिकॉर्ड

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ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के जेवर क्षेत्र में विकास की रफ्तार अब सीधे सरकारी खजाने तक पहुंचती दिखाई दे रही है। रियल एस्टेट सेक्टर में आए जबरदस्त उछाल के चलते प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के आंकड़ों ने नया इतिहास रच दिया है। बीते एक वर्ष में रजिस्ट्री की संख्या में करीब 300 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो क्षेत्र में बढ़ते निवेश और विश्वास का स्पष्ट संकेत है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों पर नजर डालें तो जेवर क्षेत्र में कुल 15,560 बैनामे (रजिस्ट्री) दर्ज किए गए। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में कई गुना अधिक है। खास बात यह है कि इन रजिस्ट्री के माध्यम से लगभग 90 हजार करोड़ रुपये की संपत्तियों का पंजीकरण हुआ है, जिससे रजिस्ट्री विभाग को करीब 4,454 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। यह आंकड़ा न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि प्रदेश स्तर पर भी एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
इस अभूतपूर्व वृद्धि के पीछे सबसे बड़ा कारण नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना को माना जा रहा है। एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में शामिल इस परियोजना ने जेवर और आसपास के क्षेत्रों की जमीन की कीमतों को तेजी से बढ़ाया है। एयरपोर्ट के साथ-साथ यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित किए जा रहे औद्योगिक और आवासीय सेक्टर भी निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं।
इसके अलावा, यमुना एक्सप्रेसवे, फिल्म सिटी परियोजना, लॉजिस्टिक्स हब, औद्योगिक कॉरिडोर और बेहतर कनेक्टिविटी जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट्स ने जेवर को एक उभरते आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है। निवेशकों को यहां भविष्य में उच्च रिटर्न की उम्मीद है, जिसके चलते बड़े पैमाने पर जमीन की खरीद-फरोख्त हो रही है।
रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पारदर्शी प्रक्रिया, ऑनलाइन सिस्टम और प्रशासनिक सख्ती के चलते भी रजिस्ट्री में तेजी आई है। अवैध लेन-देन पर नियंत्रण और नियमों के पालन से लोगों का भरोसा बढ़ा है, जिससे अधिक से अधिक लोग आधिकारिक रूप से रजिस्ट्री कराने की ओर बढ़ रहे हैं।
हालांकि, इस तेजी के साथ कुछ चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। जमीन की कीमतों में तेजी से वृद्धि के कारण स्थानीय निवासियों के लिए संपत्ति खरीदना कठिन होता जा रहा है। साथ ही, बेतहाशा विकास के चलते भविष्य में बुनियादी सुविधाओं पर दबाव बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
फिर भी, कुल मिलाकर जेवर क्षेत्र आज उत्तर प्रदेश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में शामिल हो चुका है। आने वाले वर्षों में यहां निवेश, रोजगार और राजस्व के नए अवसर पैदा होने की पूरी संभावना है।
स्पष्ट है कि जेवर अब सिर्फ एक क्षेत्र नहीं, बल्कि विकास और निवेश का नया केंद्र बनकर उभर रहा है, जहां रियल एस्टेट की रफ्तार आने वाले समय में और तेज होने की उम्मीद है।

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