फर्रुखाबाद: नगर मजिस्ट्रेट संजय कुमार बंसल की उपस्थिति में जिला अग्निशमन अधिकारी कार्यालय परिसर में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से एक संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल (mock drill) का आयोजन संभावित आपदाओं, विशेषकर आगजनी जैसी घटनाओं के दौरान त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया।
मॉक ड्रिल में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं अग्निशमन विभाग की टीमों ने आपसी समन्वय के साथ अभ्यास किया। इस दौरान उपस्थित आपदा मित्रों एवं आम नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेष रूप से आग लगने की स्थिति में स्वयं को सुरक्षित रखने, घायलों की मदद करने और अफरा-तफरी से बचने के तरीकों पर जोर दिया गया।
आग पर नियंत्रण का लाइव डेमो
अग्निशमन विभाग की टीम ने आग लगने की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, अग्निशमन उपकरणों के प्रयोग, आग पर नियंत्रण पाने के विभिन्न तरीकों का डेमो प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक कुछ मिनटों में सही कदम उठाकर बड़े नुकसान को रोका जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा घायलों को प्राथमिक उपचार देने, उन्हें सुरक्षित रूप से घटनास्थल से निकालने तथा सीपीआर (CPR) प्रदान करने की प्रक्रिया का प्रशिक्षणात्मक प्रदर्शन किया गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि समय पर दिया गया प्राथमिक उपचार कई बार जीवन रक्षक सिद्ध होता है।
मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा किसी भी आपात स्थिति में बिना विलंब त्वरित व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के अभ्यास वास्तविक आपदा के समय घबराहट को कम करते हैं और निर्णय क्षमता को मजबूत बनाते हैं।
इस अवसर पर अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नागरिक सुरक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, आपदा विशेषज्ञ तथा बड़ी संख्या में आपदा मित्र उपस्थित रहे। सभी ने मॉक ड्रिल को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस तरह के अभ्यास नियमित रूप से कराए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।


