मैनपुरी। जनपद में जमीन और अन्य संपत्तियों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी स्टाम्प मूल्यांकन दरों में बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने वर्तमान बाजार मूल्य को ध्यान में रखते हुए नई प्रस्तावित मूल्यांकन दर सूची तैयार की है। इस सूची को अंतिम रूप देने से पहले आम जनता, जनप्रतिनिधियों और संबंधित पक्षों से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं, ताकि सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद अंतिम दरें तय की जा सकें।
जिला कलेक्टर एवं स्टाम्प कलेक्टर अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश स्टाम्प संपत्ति मूल्यांकन नियमावली-1997 के प्रावधानों के तहत जनपद में लागू स्टाम्प दरों की समीक्षा की जा रही है। इसके अंतर्गत वर्तमान बाजार भाव के अनुरूप मूल्यांकन दर सूची में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि समय-समय पर बाजार की स्थिति को देखते हुए मूल्यांकन दरों में बदलाव किया जाना आवश्यक होता है, जिससे संपत्तियों के वास्तविक मूल्य के अनुरूप स्टाम्प शुल्क निर्धारित किया जा सके।
प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार नई दरों के निर्धारण से पहले जनपद के सभी उप निबंधक, तहसीलदार और उप जिलाधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वेक्षण और परीक्षण कराया गया है। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर जमीन और संपत्तियों के वर्तमान बाजार मूल्य का आंकलन किया गया। इन्हीं तथ्यों के आधार पर नई प्रस्तावित मूल्यांकन दर सूची तैयार की गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित दरों को लागू करने से पहले सभी संबंधित पक्षों की राय लेना जरूरी है। इसी उद्देश्य से आम जनता, जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, कॉलोनाइजरों और अन्य हितधारकों से सात दिन के भीतर आपत्तियां और सुझाव देने के लिए कहा गया है। जिला कलेक्टर ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को प्रस्तावित मूल्यांकन दर सूची के संबंध में कोई आपत्ति या सुझाव देना है तो वह 13 मार्च को शाम चार बजे तक अपनी लिखित आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है।
आपत्तियां और सुझाव जिला कलेक्टर कार्यालय, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), सहायक महानिरीक्षक निबंधन कार्यालय, सभी उप जिलाधिकारी कार्यालयों तथा संबंधित उप निबंधक कार्यालयों में जमा किए जा सकते हैं। प्रशासन ने यह भी बताया कि प्रस्तावित मूल्यांकन सूची की प्रतियां इन सभी कार्यालयों में उपलब्ध करा दी गई हैं, जहां इच्छुक व्यक्ति जाकर सूची का अवलोकन कर सकते हैं।
जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त होने वाली किसी भी आपत्ति या सुझाव पर विचार नहीं किया जाएगा। इसलिए सभी संबंधित लोगों से अपील की गई है कि वे समय रहते अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराएं, ताकि अंतिम मूल्यांकन सूची तैयार करते समय उन्हें शामिल किया जा सके और जनहित के अनुरूप निर्णय लिया जा सके।


