बरेली
स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 को लेकर बरेली शहर में तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। नगर निगम इस बार देश के टॉप 10 स्वच्छ शहरों में शामिल होने के लक्ष्य के साथ पूरी रणनीति को नए सिरे से लागू कर रहा है। शहर में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जमीनी स्तर पर कई बदलाव किए जा रहे हैं।
पिछले वर्ष के स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में कुछ तकनीकी कमियों और नागरिक फीडबैक में कमजोर प्रदर्शन के कारण बरेली की रैंकिंग प्रभावित हुई थी। इसी को देखते हुए नगर निगम ने इस बार अपनी कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार किए हैं, ताकि पिछली गलतियों को दोहराया न जाए।
नगर निगम के एक्सईएन राजीव राठी के अनुसार इस बार मुख्य फोकस कचरा प्रबंधन, स्रोत पर कचरे का पृथक्करण और सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता पर है। टीम यह भी जांच कर रही है कि लोग घरों में गीले और सूखे कचरे को अलग कर रहे हैं या नहीं, ताकि वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को मजबूत किया जा सके।
इसके साथ ही डंपिंग यार्ड के बेहतर प्रबंधन और कचरे से खाद व ऊर्जा उत्पादन जैसे प्रयासों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। हालांकि, पुराने शहर की संकरी गलियों में नियमित सफाई और नालों की सफाई अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस बार नागरिक फीडबैक को सुधारने के लिए नगर निगम विशेष जागरूकता अभियान चला रहा है। शहर की दीवारों पर स्वच्छता संदेश वाली पेंटिंग्स, खुले में कूड़ा न फेंकने की अपील और वार्ड स्तर पर जागरूकता टीमें सक्रिय की गई हैं। साथ ही शिकायत निवारण प्रणाली को भी तेज किया गया है।
पिछले वर्षों के आंकड़ों में बरेली ने लगातार सुधार दिखाया है—2019 में 117वीं रैंक से बढ़कर 2024 में 20वीं रैंक तक पहुंचकर शहर ने अच्छा प्रदर्शन किया है। अब नगर निगम का लक्ष्य इस सुधार को जारी रखते हुए टॉप 10 में जगह बनाना है, जिसके लिए 15 अप्रैल के बाद कभी भी स्वच्छ सर्वेक्षण टीम के निरीक्षण की संभावना जताई जा रही है।


