बरेली
इज्जतनगर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले सात महत्वपूर्ण रेलखंडों के दोहरीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) के लिए 34.22 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है। सर्वे पूरा होने के बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी।
मंडल की डीआरएम वीणा सिन्हा ने बताया कि उत्तराखंड समेत कई क्षेत्रों में रेलवे की परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इज्जतनगर मंडल से लंबी दूरी की ट्रेनों की संख्या में बढ़ोतरी होगी, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
रेलवे बोर्ड ने 212 किलोमीटर लंबी बरेली-पीलीभीत-मैलानी-सीतापुर रेल लाइन के दोहरीकरण के सर्वे को भी मंजूरी दी है। इसके अलावा कई अन्य रेलखंडों पर भी सर्वे कराया जाएगा, जिनमें भोजीपुरा-लालकुआं, काठगोदाम-लालकुआं, रामपुर-लालकुआं, भोजीपुरा बाइपास, भोजीपुरा-बरेली सिटी, कासगंज-मथुरा और पीलीभीत-मैलानी शामिल हैं।
वर्तमान में इज्जतनगर मंडल के अंतर्गत आने वाली अधिकांश रेल लाइनें एकल (सिंगल लाइन) हैं, जिसके कारण ट्रेनों के संचालन में देरी और क्षमता की समस्या बनी रहती है। दोहरीकरण होने से ट्रेनों की आवाजाही सुगम होगी और समयबद्धता में सुधार आएगा।
इस परियोजना से बरेली के साथ-साथ उत्तराखंड के कई जिलों, पीलीभीत, बदायूं, लखीमपुर, कासगंज, मथुरा और काठगोदाम जैसे क्षेत्रों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे यात्रियों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों के अनुसार, दोहरीकरण के बाद न केवल यात्री सुविधाएं बेहतर होंगी बल्कि सुरक्षा, संरक्षा और परिचालन क्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। रेलवे का लक्ष्य आने वाले वर्षों में इस मंडल को आधुनिक और उच्च क्षमता वाले नेटवर्क में बदलना है, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिल सके।


