लखनऊ
राजधानी के काकोरी क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रेम प्रसंग में बाधा बनने पर बहू द्वारा अपनी ही सास की हत्या किए जाने का आरोप है। घटना के खुलासे के बाद पुलिस ने पांच दिन बाद कब्र खुदवाकर बुजुर्ग महिला का शव बाहर निकलवाया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मामले में आरोपी बहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि एक अन्य नामजद आरोपी की तलाश जारी है।
जानकारी के अनुसार काकोरी थाना क्षेत्र के इब्राहिमगंज गांव निवासी शांति देवी (65) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। प्रारंभ में परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए शव को खेत में दफना दिया था। बाद में मामले में संदेह गहराने पर पुलिस सक्रिय हुई और जांच शुरू की गई। जांच के दौरान बहू शालिनी रावत की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, शालिनी का अपने रिश्ते के भांजे करन (निवासी औरास, उन्नाव) के साथ प्रेम संबंध था, जिसमें सास शांति देवी बाधा बन रही थीं। आरोप है कि इसी वजह से पांच अप्रैल की रात शालिनी ने खाने में जहर मिलाकर सास को दे दिया। हालत बिगड़ने पर शांति देवी को अस्पताल ले जाया गया, जहां छह अप्रैल को उनकी मौत हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी की अनुमति से मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शनिवार को कब्र खुदवाकर शव बाहर निकाला गया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद शव को बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है, वहीं विसरा रिपोर्ट से जहर दिए जाने की पुष्टि हो सकेगी।
घटनास्थल से पुलिस को आधी जली हुई रोटी भी मिली थी, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। यदि एफएसएल रिपोर्ट में जहर की पुष्टि होती है तो यह मामले में अहम साक्ष्य साबित होगा। इस दौरान कब्र के पास ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिसे पुलिस ने नियंत्रित करते हुए कार्रवाई पूरी कराई।
फिलहाल पुलिस आरोपी करन की तलाश में दबिश दे रही है और मामले के हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। यह घटना न केवल पारिवारिक रिश्तों को झकझोरने वाली है, बल्कि समाज में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्तियों को भी उजागर करती है।


