प्रयागराज: संगठित साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रयागराज पुलिस (Prayagraj Police) ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की फर्जी वेबसाइट बनाने और जाली शैक्षणिक दस्तावेज बेचने में कथित तौर पर शामिल दो और युवकों को गिरफ्तार (arrested) किया है। अधिकारियों ने सोमवार को इसकी पुष्टि की।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी फर्जी डिग्री, मार्कशीट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट बनाने और वितरित करने वाले एक बड़े गिरोह का हिस्सा थे। उनके पास से बड़ी संख्या में जाली दस्तावेजों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्ति पश्चिमी उत्तर प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं और माना जाता है कि उनके कुछ शिक्षा केंद्रों से संबंध हैं।
यह मामला पिछले साल का है जब यूपी बोर्ड ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें छात्रों और अभिभावकों को धोखा देने के लिए इस्तेमाल की जा रही फर्जी वेबसाइट पर चिंता व्यक्त की गई थी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने पहले आजमगढ़ स्थित कॉल सेंटर ऑपरेटर शशि प्रकाश राय और उसके रिश्तेदार मनीष राय को गिरफ्तार किया, जिससे रैकेट का पर्दाफाश हुआ।
आगे की जांच में गाजियाबाद निवासी सत्येंद्र बरनवाल को गिरफ्तार किया गया, जिसने कथित तौर पर फर्जी वेबसाइट बनाई थी। उसके साथ लखनऊ का उसका सहयोगी मोनू गुप्ता भी गिरफ्तार हुआ। बाद में, आज़मगढ़ में फार्मेसी सेंटर चलाने वाले एक अन्य आरोपी मंगेश को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस ने बताया कि गिरोह समन्वित तरीके से काम कर रहा था और जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, और भी नाम सामने आ रहे हैं।
हाल ही में गिरफ्तार किए गए दोनों संदिग्ध सरगना शशि प्रकाश राय के साथ मिलकर काम कर रहे थे। अधिकारी फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रहे हैं ताकि नेटवर्क के बारे में और जानकारी जुटाई जा सके और इस रैकेट में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान की जा सके। पुलिस ने संकेत दिया है कि जांच जारी रहने के साथ और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है।


