फर्रुखाबाद। शक्ति की आराधना के पर्व नवदुर्गा के चलते प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महारानी अवंती बाई के जीवन चरित्र व इतिहास पर आधारित खंड काव्य मेहंदी में तलवार का विमोचन भव्यता पूर्वक ठंडी सड़क स्थित नवभारत सभा भवन में समाज के गणमान्य लोगों की मौजूदगी में 28 सितंबर को होगा।
इस संदर्भ में पुस्तक के लेखक हेमंत राजपूत ने बताया कि नवदुर्गा का अवसर विमोचन के लिए इसलिए चुनाव की इन दिनों में सख्त की आराधना होती है और महारानी अवंती बाई भी शक्ति का ही प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि पुस्तक में महारानी अवंती बाई के इतिहास से जनमानस को अवगत कराने का प्रयास किया गया है। कई अनछुए पहलू उजागर किए गए हैं। अभी तक तो लोग महारानी अवंती बाई को लोधी समाज की विरासत मानते रहे लेकिन इस खंडकाव्य के माध्यम से उनकी सर्प व्यापकता को रेखांकित किया गया है। अंग्रेजों की राज्य हड़प करने की नीति के चलते महारानी के राज्य को अंग्रेज हड़प करना चाहते थे उनके विवाह के कुछ दिन ही बीते थे कि उनके पति की मृत्यु हो गई अपनी आजादी को बचाने के लिए महारानी ने अपने मेहंदी लागे हाथों में तलवार उठा ली भाई से पुस्तक के शीर्षक का जन्म होता है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम सुबह 10:00 बजे से होगा जिसमें लोधी समाज के अलावा आने समाजों के जन्म प्रतिनिधि पदाधिकारी भगानुम नागरिक भागीदारी करेंगे उन्होंने सभी से कार्यक्रम में भागीदारी करने के अपील की। इस मौके पर लोधी लोध महासभा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष परशुराम वर्मा, मीडिया प्रभारी अरविंद राजपूत आदि मौजूद रहे।





