नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर इंडिया गेट पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ा हंगामा हो गया। पुलिस पर मिर्च स्प्रे (पेपर स्प्रे) फेंकने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने 15 से अधिक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। सभी पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, सड़क जाम करने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
घटना रविवार को इंडिया गेट के सी-हेक्सागन क्षेत्र में हुई, जहां दोपहर करीब 4.30 बजे कुछ प्रदर्शनकारी वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर के खिलाफ विरोध जताने पहुंचे थे। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कुछ देर बाद भीड़ ने नक्सली हिड़मा के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने उन्हें शांतिपूर्ण ढंग से हटने का निर्देश दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने और विरोध जारी रखा।
इसी बीच स्थिति तब बिगड़ गई, जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस टीम पर पेपर स्प्रे का इस्तेमाल कर दिया। अचानक हुए इस हमले से अफरा-तफरी मच गई और पुलिस व भीड़ के बीच हल्की झड़प भी हुई। पेपर स्प्रे की चपेट में आने से तीन से चार पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनकी आंखों में तेज जलन और सूजन की शिकायत हुई। सभी घायलों का इलाज राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में चल रहा है, जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति स्थिर बताई है।
घटना के बाद पुलिस ने मौके से 15 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। ट्रैफिक प्रभावित होने पर आसपास के क्षेत्रों में जाम की स्थिति भी बनी रही। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार लोगों पर सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस पर हमला, सड़क जाम करने और शांति भंग करने की धाराएं लगाई गई हैं।
दिल्ली पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में रहकर करें, ताकि सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित न हो। घटना के बाद इंडिया गेट क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
इस बीच, राजधानी और एनसीआर में वायु प्रदूषण लगातार गंभीर स्तर पर बना हुआ है। सोमवार सुबह दिल्ली के ऊपर स्मॉग की मोटी परत छाई रही। सीपीसीबी के अनुसार सोमवार सुबह 7 बजे शहर का औसत एक्यूआई 396 दर्ज किया गया, जबकि कई इलाकों में यह 450 के पार पहुंच गया। रोहिणी, जहांगीरपुरी, वजीरपुर, आनंद विहार और बवाना जैसे क्षेत्रों में हालत सबसे खराब रही।
दिल्ली से सटे नोएडा और गाजियाबाद में भी एक्यूआई 404 से 438 के बीच रिकॉर्ड किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की गति कम होने, तापमान घटने और प्रदूषकों के जमीन के करीब जमा होने से हालात और बिगड़ रहे हैं। डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा मरीजों को घर से बाहर कम निकलने और मास्क पहनने की सलाह दी है।





