ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था के विरोध में मुख्यमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत अधिकारी संघ एवं ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन ने अपने क्रमिक आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए शुक्रवार को जिले के सभी ब्लॉक मुख्यालयों पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था तथा अन्य लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन संबंधित खंड विकास अधिकारियों को सौंपा।
क्रमिक आंदोलन के तहत शमशाबाद खंड विकास कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार द्वारा लागू की गई अव्यवहारिक ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली ग्रामीण क्षेत्रों के कार्य वातावरण के अनुकूल नहीं है और यह व्यवस्था क्षेत्रीय कार्यों में बाधा उत्पन्न करती है।
ज्ञापन में कहा गया कि ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत क्षेत्रीय ग्राम सचिवों (ग्राम पंचायत अधिकारी तथा ग्राम विकास अधिकारी) पर विभागीय कार्यों के अतिरिक्त अन्य कई विभागों के कार्यों का भार डाला जा रहा है, जबकि उन्हें इसके लिए कोई अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध नहीं कराया गया। इससे अधिकारियों पर कार्यभार बेवजह बढ़ रहा है।
ऑनलाइन उपस्थिती प्रणाली वापस लेने की मांग के साथ-साथ ज्ञापन में कुल 9 सूत्रीय मांगें रखी गईं। इनमें सेवा संबंधी असमानताओं का निस्तारण, विभागीय ढांचे में सुधार, संसाधन उपलब्धता, सुरक्षा, और ग्रामीण विकास कार्यों में सुविधा प्रदान करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। संघ ने कहा कि सरकार इन मांगों पर तत्काल विचार कर सार्थक निर्णय ले।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों की समग्र प्रगति में सचिव की भूमिका महत्वपूर्ण है। पंचायती राज एवं ग्राम्य विकास विभाग की लगभग सभी फ्लैगशिप योजनाएँ और जनकल्याणकारी कार्यक्रम सचिवों के माध्यम से ही जनता तक पहुंचते हैं। ऐसे में ऑनलाइन हाजिरी व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है, क्योंकि सचिवों का अधिकांश समय फील्ड में बीतता है। इसलिए इस व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की आवश्यकता है।
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य रूप से अरुण यादव, जयवीर सिंह, जीशान खान, अमित यादव, अजय कुमार, सौरभ शर्मा, धर्मेंद्र सिंह, अरुण कुमार, दिलीप कुमार सहित दर्जनों सचिवों ने भाग लिया और अपनी आवाज बुलंद की।





