Lucknow\ देशभर में आज दीपावली का पर्व उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। घरों, मंदिरों और प्रतिष्ठानों में दीपों की रोशनी से वातावरण जगमगा उठा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, *अमावस्या तिथि 20 अक्तूबर दोपहर 3:44 बजे से शुरू होकर 21 अक्तूबर शाम 5:54 बजे तक रहेगी*। इस दौरान भगवान गणेश, देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा विधि-विधान से की जाएगी। शुभ लग्न में पूजन से सुख, समृद्धि और धन की प्राप्ति होती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दीपावली के दिन प्रातः स्नान के बाद भगवान विष्णु के निमित्त दीपक जलाना शुभ रहता है। दोपहर में पितरों को तर्पण और दान देना भी अत्यंत फलदायी माना गया है। शाम के समय शुभ लग्न में गणेश-लक्ष्मी और कुबेर भगवान की पूजा करने से घर में लक्ष्मी का स्थायी वास होता है। वहीं, महानिशिथ काल में *महाकाली की पूजा* करने का विशेष महत्व बताया गया है।
पूजन के लिए आज के दिन कई शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। *कुंभ लग्न* दोपहर 2:23 से 3:52 बजे तक (कार्यालय या व्यवसायिक स्थल के पूजन हेतु) रहेगा। *प्रदोषकाल* शाम 5:46 से 8:18 बजे तक घर में पूजन के लिए सर्वोत्तम रहेगा। वहीं, *वृषभ लग्न* शाम 7:08 से 9:03 बजे तक, और *महानिशिथ काल* रात 11:26 से 12:16 बजे तक रहेगा, जो काली पूजा के लिए शुभ है।
दीपावली के अगले दिन यानी *22 अक्तूबर को गोवर्धन पूजा* मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य एस.एस. नागपाल के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीकृष्ण, गायों और बैलों का पूजन कर *अन्नकूट का भोग* अर्पित किया जाता है। सुबह 6:10 से 8:26 बजे तक और दोपहर 3:15 से 5:31 बजे तक गोवर्धन पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा।
*23 अक्तूबर को भाईदूज और चित्रगुप्त पूजन* मनाया जाएगा। यह पर्व भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक है। द्वितीया तिथि 22 अक्तूबर रात 8:16 से शुरू होकर 23 अक्तूबर रात 10:46 बजे तक रहेगी। भाईदूज के दिन *टीका का शुभ मुहूर्त दोपहर 1:13 से 3:28 बजे तक* रहेगा। कायस्थ समाज के लोग इस दिन चित्रगुप्त भगवान की पूजा करते हैं। दीपोत्सव के इन पावन दिनों में धर्म, परंपरा और पारिवारिक प्रेम का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।






