नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी में एक बड़े संगठनात्मक बदलाव के तहत पार्टी ने राज्यसभा में अपने उपनेता पद से वरिष्ठ नेता राघव चड्ढा को हटा दिया है। उनकी जगह पंजाब से राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस फैसले के साथ ही पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर यह भी अनुरोध किया है कि चड्ढा को पार्टी के कोटे से सदन में बोलने का समय न दिया जाए, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक, यह निर्णय पार्टी नेतृत्व द्वारा हालिया राजनीतिक परिस्थितियों और आंतरिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। राघव लंबे समय तक पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं और उन्हें अरविन्द केजरीवाल का करीबी माना जाता रहा है। ऐसे में उनका इस तरह पद से हटाया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है और इसे पार्टी के भीतर संभावित मतभेदों से जोड़कर देखा जा रहा है।
पार्टी के इस फैसले के बाद राघव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें राज्यसभा में उनके पुराने हस्तक्षेप दिखाए गए। वीडियो के साथ “बुरी नजर” कैप्शन दिया गया, जिसे उनके इस हटाए जाने पर अप्रत्यक्ष प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि बीते कुछ समय से चड्ढा का रुख पार्टी लाइन से अलग नजर आ रहा था। उन्होंने संसद और सार्वजनिक मंचों पर ‘पेड पैटरनिटी लीव’, हवाई अड्डों पर महंगे खानपान, गिग वर्कर्स के अधिकार और महानगरों की ट्रैफिक समस्या जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया, जबकि पार्टी के मुख्य राजनीतिक एजेंडे पर अपेक्षाकृत कम सक्रिय दिखे। इससे संगठन के भीतर असहजता बढ़ने की चर्चाएं थीं। यही नहीं, हाल ही में उन्हें पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची से भी बाहर कर दिया गया था, जिससे उनके हाशिए पर जाने के संकेत पहले ही मिल चुके थे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में हार के बाद पार्टी के भीतर रणनीतिक बदलाव और नेतृत्व स्तर पर पुनर्संतुलन की प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में यह कदम उठाया गया हो सकता है। हालांकि, आम आदमी पार्टी की ओर से इस फैसले पर अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
सियासी फेरबदल: राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाया, अशोक मित्तल को मिली जिम्मेदारी


