– संयम से हालात संभालने पर पुलिस की सराहना
फर्रुखाबाद। शहर के सेंट्रल जेल चौराहे पर रविवार को एक मामूली सड़क दुर्घटना ने अचानक उग्र रूप ले लिया, जब कुछ असामाजिक तत्वों ने कानून को हाथ में लेते हुए ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया। इस घटना में न केवल पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की गई, बल्कि खाकी वर्दी का भी खुलेआम अपमान किया गया। हालांकि, पुलिस ने अत्यंत संयम और पेशेवर रवैया अपनाते हुए स्थिति को नियंत्रण में रखा और बड़ा विवाद होने से टाल दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेंट्रल जेल में तैनात कर्मी अखिल कुमार अपनी बाइक से ड्यूटी संबंधी कार्य से जा रहे थे। इसी दौरान सेंट्रल जेल चौराहे पर खीरे की ठेली लगाए खड़े गुड्डू सक्सेना निवासी बिजाधरपुर से उनकी बाइक अनजाने में टकरा गई। इस टक्कर में दोनों पक्षों को मामूली चोटें आईं।
घटना के तुरंत बाद पुलिसकर्मी अखिल कुमार ने जिम्मेदारी दिखाते हुए घायल ठेला विक्रेता के इलाज का खर्च उठाने की बात कही और सहयोग का आश्वासन दिया। लेकिन इसी बीच कुछ लोगों ने माहौल को भड़काते हुए भीड़ इकट्ठा कर ली। देखते ही देखते मामला बिगड़ गया और भीड़ ने पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया। आरोप है कि अखिल कुमार को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थिति बिगड़ते देख अखिल कुमार किसी तरह अपनी जान बचाकर सेंट्रल जेल चौकी पहुंचे, लेकिन उपद्रवी वहां भी पहुंच गए और चौकी के बाहर हंगामा करने लगे। जब चौकी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, तो कुछ महिलाओं द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। यहां तक कि ड्यूटी पर तैनात सिपाही छोटेलाल को गोली मारने तक की धमकी दी गई।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस ने असाधारण धैर्य और संयम का परिचय दिया। किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई से बचते हुए पुलिस ने हालात को शांत कराया और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बहाल की। पुलिस की इस संयमित कार्रवाई से एक बड़ा विवाद होने से टल गया।
घटना के बाद पूरे दिन सेंट्रल जेल चौराहे पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा, जिससे बाजार की गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। हालांकि पुलिस की सक्रियता और सतर्कता के चलते धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो गई।
समाचार लिखे जाने तक इस मामले में कोई औपचारिक तहरीर दर्ज नहीं कराई गई थी, लेकिन पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि भीड़तंत्र और कानून हाथ में लेने की प्रवृत्ति समाज के लिए कितनी खतरनाक हो सकती है। वहीं, पुलिस का संयमित रवैया कानून-व्यवस्था बनाए रखने का एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आया है।
सेंट्रल जेल चौराहे पर पुलिसकर्मी पर हमला, खाकी का अपमान


