टीम सरदार तोषित प्रीत का रहा हम सहयोग
फर्रुखाबाद: जनपद में सर्दी का मौसम दस्तक देते ही सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, विशेषकर आवारा पशुओं (stray animals) के कारण। देर रात अंधेरे और कोहरे में सड़क पर बैठे या चलते मवेशी वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते, जिससे गंभीर हादसे हो जाते हैं। इसी गंभीर समस्या को देखते हुए पुलिस (police) प्रशासन ने एक सराहनीय और जनहितकारी पहल की है।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के नेतृत्व में क्षेत्राधिकारी नगर ऐश्वर्या उपाध्याय, यातायात प्रभारी सत्येंद्र कुमार एवं टीम सरदार तोषित प्रीत के सहयोग से आवारा पशुओं को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया।
शुक्रवार की देर शाम सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय के निर्देशन में पुलिस टीम ने नगर क्षेत्र के विभिन्न मार्गों पर घूम रहे आवारा पशुओं के गले में रिफ्लेक्टर बेल्ट बांधी। इस अभियान में पुलिसकर्मी सत्यम कुमार सहित अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। रिफ्लेक्टर बेल्ट का उद्देश्य यह है कि रात के समय जब सड़क पर रोशनी कम होती है और पशु दिखाई नहीं देते, तब वाहन की लाइट पड़ते ही यह बेल्ट चमक उठे और वाहन चालक समय रहते सतर्क हो जाए, जिससे किसी भी तरह की दुर्घटना को रोका जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सर्दियों में कोहरे और अंधेरे के कारण हर वर्ष कई सड़क हादसे होते हैं, जिनमें पशुओं के साथ-साथ वाहन चालक और राहगीर भी गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। कई बार इन हादसों में पशुओं की मौत भी हो जाती है। इसी को रोकने के लिए यह विशेष अभियान शुरू किया गया है, ताकि जानवरों की जान बचाई जा सके और सड़क सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।
अभियान के दौरान पुलिस टीम ने वाहन चालकों को भी जागरूक किया और अपील की कि वे रात के समय धीमी गति से वाहन चलाएं, हाई बीम लाइट का सही उपयोग करें और आवारा पशुओं के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाएं। इस मानवीय पहल को देखकर स्थानीय लोगों और राहगीरों ने पुलिस प्रशासन के इस प्रयास की जमकर सराहना की और इसे “जीवन रक्षक अभियान” बताया।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने कहा कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर इसे जिले के अन्य क्षेत्रों में भी व्यापक रूप से लागू किया जाएगा। उनका कहना है कि पुलिस का दायित्व केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं है, बल्कि समाज और बेजुबान पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।
निस्संदेह, आवारा पशुओं के गले में रिफ्लेक्टर बेल्ट बांधने की यह पहल न केवल सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में प्रभावी साबित होगी, बल्कि सैकड़ों बेजुबान जानवरों की जिंदगी बचाने का काम भी करेगी। यह अभियान पुलिस की संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का जीवंत उदाहरण बन गया है।


