– संत के दरबार में पहुंचे पुलिस अधिकारी, लिया आध्यात्मिक मार्गदर्शन
– परोपकार और नाम जप को बताया जीवन का मूल मंत्र
मथुरा।आध्यात्मिक वातावरण उस समय और भक्तिमय हो गया, जब पुलिस विभाग के कई अधिकारी संत प्रेमानंद महाराज जी की शरण में पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों ने संत से आशीर्वाद लिया और जीवन के मूल सिद्धांतों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया।
संत प्रेमानंद महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि मानव जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य परोपकार और ईश्वर भक्ति है। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि वे अपने व्यस्त जीवन में भी प्रतिदिन भगवान का नाम जप अवश्य करें, जिससे मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
उन्होंने कहा कि निरंतर नाम जप से मन शुद्ध होता है और व्यक्ति अपने कर्तव्यों को बेहतर तरीके से निभा सकता है। साथ ही, समाज सेवा और ईमानदारी को भी उन्होंने जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताया।
इस अवसर पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने संत के विचारों को आत्मसात करने की बात कही और अपने कर्तव्यों के साथ आध्यात्मिक संतुलन बनाए रखने का संकल्प लिया। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ आध्यात्मिकता का समन्वय समाज को बेहतर दिशा दे सकता है।


