लखनऊ। डीजीपी राजीव कृष्ण के नेतृत्व में राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘पुलिस मंथन’ सम्मेलन में उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भविष्य की पुलिसिंग की चुनौतियों और उनके समाधान पर गहन विचार-विमर्श किया। इस सम्मेलन में खासतौर पर बड़े आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन, आपदा प्रबंधन, खुफिया तंत्र की चुनौतियां, आतंकवाद और संगठित अपराध से निपटने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
सम्मेलन के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि आधुनिक पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा एनालिटिक्स और नई तकनीकों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। भीड़ नियंत्रण के लिए तकनीकी निगरानी, रियल टाइम डेटा और स्मार्ट सिस्टम के उपयोग पर विशेष सत्र आयोजित किए गए, ताकि भविष्य में किसी भी बड़े आयोजन को सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके।
इस सम्मेलन की अवधारणा की नींव 29-30 नवंबर को छत्तीसगढ़ में आयोजित डीजीपी और आईजीपी सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा रखी गई थी। उस सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों को भविष्य की स्मार्ट पुलिसिंग को लेकर मंथन करने और समय के अनुरूप पुलिस व्यवस्था को सशक्त बनाने के निर्देश दिए थे। उसी क्रम में उत्तर प्रदेश में ‘पुलिस मंथन’ का आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्मेलन के संदेश में समय के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि बदलती परिस्थितियों के अनुसार पुलिसिंग को आधुनिक, संवेदनशील और तकनीक आधारित बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मंथन कार्यक्रम भविष्य की स्मार्ट पुलिसिंग की मजबूत नींव रखते हैं और प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होंगे।





