शिमला: शिमला (Shimla) जिले के थियोग उपमंडल से मिली एक संदिग्ध हत्या का मामला पुलिस ने त्वरित जांच के बाद नेपाली मजदूर (Nepali labourer) को गिरफ्तार कर 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया। थियोग पुलिस स्टेशन द्वारा जारी एक संक्षिप्त सूचना के अनुसार, थियोग तहसील के देवगढ़ डाकघर के जराई गांव में हुई संदिग्ध हत्या के संबंध में 28 फरवरी को धारा 103(1) (302 आईपीसी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।
यह मामला स्थानीय बागवान जगदीश के बयान के आधार पर दर्ज किया गया था, जिसने कृषि और बागवानी कार्य में लगे एक नेपाली परिवार को अपने घर में ठहराया था। परिवार में सुरेश, उसकी पत्नी, पांच बच्चे और उसका भतीजा धानी राम शामिल थे, जो बाग में ही बने दो कमरों की झोपड़ी में रह रहे थे। 28 फरवरी की सुबह जगदीश ने झोपड़ी के दोनों कमरे बाहर से बंद पाए। दरवाजे खोलने पर उसे एक कमरे में धानी राम का शव मिला। किसी साजिश की आशंका जताते हुए उसने पुलिस को हत्या और सुरेश तथा परिवार के सदस्यों के संदिग्ध लापता होने की सूचना दी।
एसएफएसएल जुंगा की एक फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सुरेश का पता लगाने के लिए तीन टीमें भेजीं। आखिरकार, उसे 1 मार्च को शर्मला पंचायत के शर्माथु गांव से हिरासत में लिया गया और गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि आरोपी सुरेश ने कथित तौर पर शराब के नशे में धुत होकर पुरानी दुश्मनी के चलते धानी राम पर कृषि उपकरण से हमला किया। आगे की जांच जारी है।


