फर्रुखाबाद: मऊदरवाजा थाना (Maudarwaja Police Station) क्षेत्र स्थित अर्रापहाड़पुर गांव में हनुमानजी महाराज ट्रस्ट (Hanumanji Maharaj Trust) की जमीन को लेकर हुए खूनी बवाल में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए माफिया डॉ. अनुपम दुबे के ब्लॉक प्रमुख भाई अमित दुबे उर्फ बब्बन और अनुराग दुबे उर्फ डब्बन को गिरफ्तार कर लिया है। दंगा, हत्या के प्रयास और एससी-एसटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद यह पहली बड़ी गिरफ्तारी मानी जा रही है।
घटना चार फरवरी की सुबह उस समय सुर्खियों में आई थी, जब ट्रस्ट की जमीन के किनारे लगे लोहे के तारों के पास अर्रापहाड़पुर निवासी सर्वेश यादव का शव मिला। शव मिलने के बाद माहौल भड़क गया और मौके पर पहुंचे ट्रस्ट के सर्वराकार एकलव्य, उनके दो पुत्र, पत्नी और अन्य परिजनों पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। आरोप है कि लाठी-डंडों से पीटकर सभी को अधमरा कर दिया गया। घायलों का इलाज डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल में चल रहा है।
मामले ने तब और तूल पकड़ा जब घायल एकलव्य की तहरीर पर पुलिस ने मथुरा जेल में बंद कथित माफिया डॉ. अनुपम दुबे, खनन कारोबारी रणधीर यादव, उसके भाई संजू यादव व अन्य भाइयों, ग्राम प्रधान के पति रमेश चंद्र यादव, उनके पुत्र राहुल यादव व ऋषभ यादव, सर्वेश के भाई देवेंद्र यादव और आढ़ती एसोसिएशन अध्यक्ष सचिन यादव समेत कुल 10 लोगों पर दंगा, बल प्रयोग, जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाने, खतरनाक हथियार से वार करने, सुनियोजित हिंसा, हत्या का प्रयास और साजिश रचने के साथ एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की।
एकलव्य ने आरोप लगाया है कि करीब 70 करोड़ रुपये कीमत की ट्रस्ट की जमीन को पहले फर्जीवाड़े के जरिए अपने नाम कराने की साजिश रची गई थी। हाल ही में जिला प्रशासन द्वारा जमीन को ट्रस्ट के नाम मुक्त किए जाने के बाद कथित माफिया गिरोह बौखला गया और पूरे परिवार को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। आरोप यह भी है कि सर्वेश यादव की हत्या कर शव को ट्रस्ट के खेत में डालकर घटना को करंट लगने से मौत का रूप देने की कोशिश की गई और गांव में अफवाह फैलाई गई।
पुलिस का कहना है कि अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इस सनसनीखेज प्रकरण में माफिया नेटवर्क पर कार्रवाई को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं।


