व्यापार मंडल के आयोजन में भारी सर्दी के बावजूद डटे रहे श्रोता
फर्रुखाबाद: कायमगंज उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल (Kaimganj Industry Trade Delegation) द्वारा आयोजित किए गए अखिल भारतीय कवि सम्मेलन (Poetry Conference) में दूरदराज से आए हुए कवियों ने अपने रचनाओं के माध्यम से ऐसा समां बाँधा । देर रात तक श्रोतागण सी पी सभागार में डटे रहे।। लगभगविभिन्न रसों की ऐसी काव्य रसधारा बही जिसमें श्रोता मंत्रमुग्ध होकर डुबकी लगाते रहे। कभी वे हास्य व्यंग्य पर गुदगुदा रहे थे, तो कभी वीर रस की प्रस्तुति पर जोश में आ रहे थे।
इस दौरान कन्नौज से आये अनिल द्विवेदी ने अपने गीत आरक्षण की नई व्यवस्था हुइगई सीट जनानी । सइयां हम लड़िहैं परधानी।।पर लोगों को हँसाते-हँसाते लोटपोट कर दिया। आगरा से आईं निभा चौधरी की ग़ज़ल मुसीबत भी होगी अँधेरे भी होंगे,मगर ज़िन्दगी में सवेरे भी होंगे सुनकर श्रोता उछल पड़े। देवेश दीक्षित ने कवियत्री के काव्य-पाठ पर चुटकी लेते हुए पढ़ा,कमतर हमारी नज़र हो गई है। सारी दवा बेअसर हो गई है।। इतने सुनें बोल मीठे तुम्हारे।लगता है हमको सुगर हो गई है।
प्रधानाचार्य योगेश चन्द्र तिवारी ने अपनी ग़ज़ल कभी चेहरा बताता है ,कभी हालत बताती है, अभी मौसम उदासी के हमारे साथ रहते हैं।पवन बाथम ने ,आओ मिल बैठकर करें बातें, क्या पता है किक्षकल कहाँ होंगे’ पढ़ीं। सुनीत सिद्धार्थ, बदायूँ से आये कमलकांत तिवारी, एटा से आये सर्जन शीतल, मथुरा से आये हास्य कवि सबरस मुरसानी, लखनऊ से आयीं पूनम मिश्रा ने अपनी-अपनी रचनाओं से माहौल बनाये रक्खा। इस मौके पर व्यापार मंडल के संजय गुप्ता व उनकीटी की टीम के बड़ी संख्या में व्यापारी नेता मौजूद रहे। भारी सर्दी के बावजूद श्रोताओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दी।


