
लखनऊ। चिकित्सा संस्थान संजय गाँधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसस में ईंधन की कमी के चलते वाहन संचालन प्रभावित हो गया है। हालात ऐसे हैं कि अब संस्थान ने वाहनों के उपयोग को फिलहाल केवल इमरजेंसी कार्यों तक सीमित कर दिया है।
प्रबंधन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, सामान्य कार्यों के लिए वाहन उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे। केवल अत्यावश्यक सेवाओं—जैसे मरीजों की गंभीर स्थिति, आपातकालीन चिकित्सा जरूरत या जरूरी प्रशासनिक कार्य—के लिए ही वाहन दिए जाएंगे।
इसके साथ ही वाहन की मांग को लेकर नई व्यवस्था लागू की गई है। अब किसी भी विभाग को वाहन की मांग करते समय उसका स्पष्ट कारण बताना होगा। बिना ठोस वजह के वाहन उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे, जिससे अनावश्यक उपयोग पर रोक लगाई जा सके।
सूत्रों के मुताबिक, ईंधन की सीमित उपलब्धता के कारण यह निर्णय लिया गया है, ताकि जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यह अस्थायी व्यवस्था है और जैसे ही स्थिति सामान्य होगी, वाहन सेवाएं भी पूर्ववत कर दी जाएंगी।
इस फैसले का असर अस्पताल के रोजमर्रा के कार्यों पर पड़ सकता है, खासकर उन विभागों पर जो नियमित रूप से वाहन सुविधा पर निर्भर रहते हैं। हालांकि, प्रशासन का जोर इस बात पर है कि किसी भी मरीज की आपातकालीन सेवा में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।


