कानपुर
शहरी और ग्रामीण इलाकों में शुक्रवार को पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति को लेकर अलग-अलग हालात देखने को मिले। जहां कुछ क्षेत्रों में पेट्रोल पंप पूरी तरह खाली हो गए, वहीं कुछ जगहों पर स्थिति सामान्य बनी रही। इस असमान आपूर्ति के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई लोगों को जोखिम उठाकर हाईवे पर लंबी दूरी तय करनी पड़ी।
शहर के ओमपुरवा स्थित पेट्रोल पंप पर तेल पूरी तरह खत्म हो जाने से सन्नाटा पसरा रहा, जबकि इसके विपरीत लाल बंगला क्षेत्र के पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोग घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। अचानक बढ़ी भीड़ ने वहां की व्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया और लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और गंभीर नजर आए। शिवराजपुर में पेट्रोल पंपों पर एडवांस भुगतान के बावजूद सप्लाई नहीं पहुंची, जिससे कई दिनों से टैंक खाली पड़े हैं। स्थानीय लोगों को मजबूरी में दूर स्थित हाईवे के पंपों तक जाना पड़ रहा है, जिसके लिए उन्हें उल्टी दिशा में वाहन चलाना पड़ता है, जो बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। वहीं साढ़ कस्बे में तकनीकी खराबी के चलते पिछले तीन दिनों से वितरण ठप है और पंप पर कर्मचारी भी खाली बैठे नजर आए।
हालांकि, कुछ क्षेत्रों से राहत भरी खबर भी सामने आई है। भीतरगांव और घाटमपुर में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और वहां पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसी तरह महाराजपुर क्षेत्र में भी स्थिति नियंत्रण में है, हालांकि एहतियात के तौर पर प्रति व्यक्ति 20 लीटर तक ही ईंधन देने की सीमा तय की गई है, ताकि सभी को ईंधन मिल सके।
चकेरी और रामादेवी जैसे प्रमुख इलाकों में दोपहर तक ही पेट्रोल खत्म हो जाने से वाहन चालकों को बीच रास्ते में रुकना पड़ा। हालांकि सीएनजी की उपलब्धता ने कुछ हद तक राहत दी है। प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जल्द ही आपूर्ति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को इस परेशानी से निजात मिल सके।


