खुर्जा (बुलंदशहर)। खुर्जा कोतवाली क्षेत्र के उस्मापुर गांव में पति-पत्नी के विवाद की सूचना पर पहुंची पुलिस द्वारा ‘स्क्रिप्टेड बरामदगी वीडियो’ बनाए जाने का मामला सामने आया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। उच्चाधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना तीन नवंबर की है। उस्मापुर गांव की निवासी पूजा ने 112 नंबर पर कॉल कर पति द्वारा पिटाई व तमंचा तानने की शिकायत की थी। सूचना पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची। महिला ने बताया कि उसका पति झगड़े के दौरान तमंचा दिखाकर धमकाता है। इसके बाद टीम ने मंदिर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक मनीष कुमार को सूचना दी।
उपनिरीक्षक मनीष कुमार अपनी टीम के साथ पहुंचे और दंपति को समझाने के बाद भविष्य में विवाद न करने की हिदायत दी। इसी दौरान पुलिस ने पति के पास से तमंचा बरामद किया। इसके बाद उपनिरीक्षक ने बरामदगी का वीडियो बनवाया, जिसमें वह स्वयं पीड़िता और आरोपी से बोलने के लिए डायलॉग कहते हुए दिखाई दिए। यही वीडियो शनिवार रात सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोगों ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
एसपी देहात डॉ. तेजवीर सिंह ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता के तहत बरामदगी का वीडियो बनाना आवश्यक है, लेकिन उपनिरीक्षक ने इसे बनाते समय लापरवाही बरती है। उन्होंने कहा कि मामले में विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।





