मेरठ। इंचौली थाना क्षेत्र स्थित बिसौला गांव में शनिवार रात रील बनाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि देखते ही देखते मामला मारपीट, पथराव और फायरिंग तक पहुंच गया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए कई अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बताया गया कि बिसौला गांव निवासी मोनू जाटव के घर के बाहर शनिवार रात करीब 10 बजे गांव के ही रिहान, नदीम, नईम और अलीशेर अपने कुछ साथियों के साथ मोबाइल से रील बना रहे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार इन युवकों ने सोशल मीडिया और यूट्यूब पर वीडियो अपलोड करने के लिए अपना चैनल और अकाउंट भी बना रखा है। आरोप है कि रील बनाते समय युवक तेज आवाज में गाली-गलौज करते हुए शोर-शराबा कर रहे थे, जिससे आसपास के लोग परेशान हो रहे थे।
मोनू जाटव ने बताया कि उसने युवकों से अपने घर के बाहर शोर न मचाने और कहीं और जाकर रील बनाने के लिए कहा था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि कहासुनी के दौरान युवकों ने मोनू के साथ मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने पहुंचे उसके दोस्त बॉबी सैनी को भी आरोपियों ने पीट दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया।
ग्रामीणों के अनुसार विवाद के दौरान कई राउंड फायरिंग होने की भी सूचना है, जिससे गांव में भगदड़ मच गई। पथराव और मारपीट में कई लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर सीओ सदर देहात के नेतृत्व में इंचौली और मवाना थाने की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने गांव में गश्त बढ़ा दी है और एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
रविवार को सरधना से भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम भी पीड़ित परिवार से मिलने बिसौला गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ितों से बातचीत कर उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। गांव से लौटते समय भीड़ में मौजूद एक बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति को संबोधित करते हुए उन्होंने युवकों को समझाने की बात कही और चेतावनी देते हुए कहा कि पत्थरबाजी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस दौरान उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
एसपी देहात मेरठ अभिजीत कुमार ने बताया कि दो पक्षों के बीच मारपीट और बवाल की सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची थी। मामले में रिहान, नदीम, नईम और अलीशेर को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से कुछ हथियार भी बरामद किए गए हैं। पीड़ित मोनू जाटव की तहरीर पर आठ नामजद और 15 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, बलवा समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
घटना के बाद ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने पहले से ही अपने घरों की छतों पर पत्थर जमा कर रखे थे और हथियार भी तैयार रखे थे। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से गांव में ड्रोन के जरिए सर्च अभियान चलाने की मांग की है, ताकि छतों पर रखे ईंट-पत्थरों और अन्य सामग्री की जांच की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रील बनाने को लेकर दो पक्षों में बवाल, पथराव व फायरिंग से कई घायल; चार आरोपी गिरफ्तार


