जब पृथ्वी पर बढ़ते हैं अत्याचार तब अवतरित होते हैं परमात्मा, सुनाया श्री कृष्ण के अवतरण का प्रसंग

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फर्रुखाबाद। लोको रोड के समीप चल रही श्री मद्भागवत कथा में भगवान श्री कृष्ण के अवतरण की कथा विस्तार से सुनाई गई। कथा व्यास ने तत्कालीन समाज की दशा का वर्णन किया उन्होंने कहा कि जब भी धर्म का पतन होता है पाप का उत्थान होता है तो प्रभु स्वयं अवतार लेकर विसंगतियों का नाश करते हैं।
उन्होंने कहा कि द्वापर में उस समय कंस के अत्याचारों से जनता दुखी थी तरह-तरह करती जनता पर उस प्रार्थना कर रही थी ऐसे समय में प्रभु ने अवतार लेकर अत्याचारियों का विनाश करके समाज की सुरक्षा की। उन्होंने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया इसके साथ ही गंगा जमुना पार करके गोकुल ले जाते भगवान कृष्ण और वासुदेव की भव्य झांकी का आयोजन सभी के मन को मोह गया।
उन्होंने कहा कि प्रभु के तीन प्रकार से दर्शन होते हैं पहले तो स्वप्न में यह साधारण दर्शन है मंदिर एवं मूर्ति में यह मध्य दर्शन है और ईश्वर का परोक्ष दर्शन उत्तम दर्शन कहा गया है। उन्होंने कहा कि सब में परमात्मा का अनुभव होता है जीव को अपने स्वरूप में भी परमात्मा का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि श्री नारायण की पहचान करने वाला और श्री नारायण में ही ली होने का साधन श्रीमद् भागवत शास्त्र है श्रीमद् भागवत सुनने से सर्वभय ,व मृत्यु भय का नाश हो जाता है। उन्होंने मंगलाचरण के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम का सुचारू संचालन भारतीय विकास परिषद के शाखा अध्यक्ष। समाजसेवी अंजुम दुबे ने किया। इस अवसर पर आचार्य अविनाश पांडेय, श्रीमती गुंजा जैन राजेंद्र कुमार त्रिपाठी एडवोकेट सुरेंद्र कुमार सफ्फड़, डॉ मनोज कुमार मेहरोत्रा शिव कुमार शास्त्री रामचंद्र आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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