होली पर ‘प्लास्टिक मुक्त अभियान’ के बीच खुलेआम जल रहा कूड़ा, सीएमओ कार्यालय के बाहर उठ रहा जहरीला धुआं
फतेहगढ़। होली को प्लास्टिक मुक्त बनाने के सरकारी निर्देशों के बीच शहर में सिंगल यूज प्लास्टिक का खुलेआम इस्तेमाल जारी है। गर्मी की शुरुआत के साथ गन्ने के जूस और शीतल पेय पदार्थों की ठेलियां सज गई हैं, लेकिन प्रतिबंधित प्लास्टिक गिलासों का प्रयोग धड़ल्ले से हो रहा है।
फतेहगढ़ बाजार, आवास विकास स्थित मिशन अस्पताल के पास, मिनी चौपाटी क्षेत्र और कोऑपरेटिव बैंक के सामने लगने वाली जूस की ठेलियों पर सिंगल यूज प्लास्टिक गिलासों का प्रयोग आम है। शासन के प्रतिबंध के बावजूद न तो विक्रेता सतर्क हैं और न ही संबंधित विभाग कार्रवाई करता नजर आ रहा है।
स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब इस्तेमाल किए गए प्लास्टिक गिलासों और गन्ने की खोई को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के बाहर ही आग के हवाले कर दिया जाता है। प्लास्टिक जलने से निकलने वाला जहरीला धुआं आसपास के मरीजों, दुकानदारों, राहगीरों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्यालय का कूड़ा नगर पालिका की गाड़ी में डालने के बजाय बाहर गड्ढे में फेंका जाता है और बाद में जला दिया जाता है। इससे पर्यावरण प्रदूषण के साथ संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है।
प्रशासनिक निगरानी पर सवाल
विडंबना यह है कि एक ओर ‘प्लास्टिक मुक्त होली’ का अभियान चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार विभागों के आसपास ही नियमों की अनदेखी हो रही है। यदि सरकारी कार्यालयों के सामने ही प्लास्टिक जलाया जाएगा तो आम जनता से नियमों के पालन की अपेक्षा कैसे की जा सकती है?
शहरवासियों ने नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद और जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग पर तत्काल रोक लगाई जाए, खुले में कूड़ा और प्लास्टिक जलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो तथा नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अब देखना यह है कि प्रशासन अपने आदेशों को धरातल पर लागू करता है या फिर प्लास्टिक मुक्त अभियान कागजी औपचारिकता बनकर रह जाएगा।
फतेहगढ़ में प्लास्टिक प्रतिबंध की उड़ रहीं धज्जियां


