कमालगंज| कमालगंज-हरदोई मार्ग पर महमदगंज मडैयन घाट स्थित गंगा नदी पर बना पांटून पुल पांच दिन पहले जलस्तर बढ़ने के चलते टूट गया, जिससे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। पुल के क्षतिग्रस्त होने के साथ ही उसका अप्रोच मार्ग भी बुरी तरह प्रभावित हो गया है और रास्ते में पानी भर जाने के कारण प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुल के पटरे हटा दिए हैं। पुल टूटने की घटना के बाद से ही स्थानीय प्रशासन द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है, लेकिन अब तक आवागमन बहाल नहीं हो सका है, जिससे लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।
पुल के सुचारु रूप से संचालित रहने के दौरान कमालगंज से हरदोई की दूरी लगभग 57 किलोमीटर थी, लेकिन अब पुल के बंद हो जाने के कारण यात्रियों को फर्रुखाबाद होकर लगभग 90 किलोमीटर से अधिक का लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। इससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि अतिरिक्त खर्च का बोझ भी आम लोगों पर पड़ रहा है। दैनिक आवागमन करने वाले लोगों, छात्रों और छोटे व्यापारियों को विशेष रूप से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस मार्ग के बंद होने का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है। गंगापार क्षेत्र से जुड़े गांवों के किसान अपनी उपज को समय पर मंडी तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। काषे उत्पादन मंडी समिति कमालगंज के गल्ला आढ़ती ने बताया कि यदि पुल को जल्द चालू नहीं किया गया तो गेहूं और जौ जैसी रबी फसलें मंडी तक नहीं पहुंच पाएंगी, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। कई किसानों ने यह भी बताया कि पहले वे एक ही दिन में फसल लेकर मंडी पहुंच जाते थे, लेकिन अब लंबा रास्ता होने के कारण लागत और समय दोनों बढ़ गए हैं।
स्थानीय लोगों, किसानों और व्यापारियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पुल की मरम्मत कर उसे पुनः चालू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था या अस्थायी मार्ग नहीं बनाया गया तो क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होंगी और आम जनजीवन पर इसका नकारात्मक असर पड़ेगा। प्रशासन से लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद बनी हुई है।
पांटून पुल टूटने से आवागमन ठप, किसानों और यात्रियों की बढ़ी परेशानी


