नोएडा। शराब की दुकानों पर तय दर से अधिक कीमत वसूलने (ओवररेटिंग) के गंभीर मामलों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। नोएडा के जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार को ओवररेटिंग के मामलों में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई प्रदेश के आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल के सीधे आदेश पर की गई है।
दिसंबर की जांच में खुली थी पोल
जानकारी के अनुसार, 23 दिसंबर को नोएडा में की गई जांच के दौरान 9 शराब की दुकानों पर ओवररेटिंग पाए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। इन शिकायतों के आधार पर आबकारी विभाग ने जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बावजूद समय रहते प्रभावी कार्रवाई न होने पर विभागीय स्तर पर सवाल खड़े हुए।
इसके बाद 20 जनवरी को दोबारा की गई जांच में स्थिति और गंभीर पाई गई। इस दौरान 16 दुकानों पर ओवररेटिंग की पुष्टि हुई। लगातार मिल रही शिकायतों और दो चरणों की जांच में आरोप प्रमाणित होने के बाद शासन ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक माना।
सूत्रों के अनुसार, उपभोक्ताओं और स्थानीय लोगों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि नोएडा में शराब की दुकानों पर एमआरपी से अधिक दाम वसूले जा रहे हैं। जांच में जब यह स्पष्ट हो गया कि ओवररेटिंग के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया, तो सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए जिला आबकारी अधिकारी को निलंबित कर दिया।
इस कार्रवाई को आबकारी विभाग में अनुशासन और जवाबदेही का बड़ा संदेश माना जा रहा है। शासन ने साफ संकेत दिया है कि शराब बिक्री में मनमानी, उपभोक्ताओं का शोषण और अधिकारियों की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बताया जा रहा है कि मामले की आगे की जांच जारी है और ओवररेटिंग में लिप्त दुकानों पर भी अतिरिक्त दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।





