रायबरेली। जनपद के डलमऊ क्षेत्र में गंगा नदी पर बना पुल इन दिनों बदहाल स्थिति में है, लेकिन इसके बावजूद ओवरलोड वाहनों का आवागमन लगातार जारी है। मामले में ARTO प्रवर्तन उमेश कटियार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिन पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, पीडल्यूडी विभाग ने 24 अक्टूबर 2025 को पत्र जारी कर इस पुल की जर्जर स्थिति को लेकर चेतावनी दी थी और ओवरलोड वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद संबंधित प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पुल की सड़क जगह-जगह से टूट चुकी है और लोहे की सरिया तक बाहर दिखाई देने लगी है, जो इसकी खस्ता हालत को दर्शाती है। इसके बावजूद भारी और ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से पुल पार कर रहे हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो यह पुल कभी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाने और पुल की मरम्मत कराने की मांग की है।
इस पूरे मामले में एआरटीओ प्रवर्तन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं कि जब विभागीय स्तर पर पहले ही चेतावनी दी जा चुकी थी, तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई। फिलहाल यह मामला प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण बनता जा रहा है और लोगों की नजर अब जिम्मेदार अधिकारियों की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
जर्जर पुल पर दौड़ रहे ओवरलोड वाहन, एआरटीओ प्रवर्तन की अनदेखी से बढ़ा खतरा


